नोएडा पुलिस ने लिफ्ट देकर यात्रियों से लूटपाट और डिजिटल ठगी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। थाना सेक्टर-39 पुलिस ने फर्जी नंबर प्लेट लगी अर्टिगा कार, अवैध हथियार और अन्य सामान बरामद किया है। आरोपी दिल्ली-एनसीआर में लोगों को कार में बैठाकर यूपीआई और एटीएम के जरिए जबरन पैसे ट्रांसफर करवाते थे। पुलिस अब गिरोह के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की जांच में जुटी है।
न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।
Noida News : नोएडा के थाना सेक्टर-39 पुलिस द्वारा एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल करते हुए कार में लिफ्ट देकर यात्रियों के साथ धोखाधड़ी और लूटपाट करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस टीम ने स्टेलर ग्रीन पार्क के पास से घेराबंदी कर 5 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए बदमाशों के पास से एक अर्टिगा कार (फर्जी नंबर प्लेट लगी) और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। बता दें कि पुलिस द्वारा की गई पूछताछ में यह सामने आया कि यह गिरोह एनसीआर क्षेत्र में सक्रिय था। ये लोग कार में सवारियों को बैठाकर डरा-धमकाकर डिजिटल माध्यमों (यूपीआई और एटीएम) से अवैध रूप से पैसे ट्रांसफर करवाते थे। विरोध करने पर ये यात्रियों के साथ मारपीट भी करते थे और उन्हें एकांत स्थानों पर छोड़ देते थे।गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान नसीम अली (23 वर्ष), निवासी एटा,अभिषेक कुमार (21 वर्ष), निवासी नालंदा, बिहार,
विवेक (19 वर्ष), निवासी समस्तीपुर, बिहार,कार्तिक ठाकुर (18 वर्ष), निवासी छिजारसी, नोएडा,मनोज कुमार (18 वर्ष), निवासी छिजारसी, नोएडा के रूप में हुई है और पुलिस द्वारा इन अभियुक्तों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जा रही है और इनके पुराने आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।
अपराधियों के पुराने इतिहास को खंगालने में जुटी पुलिस: एडीसीपी नोएडा
एडीसीपी नोएडा मनीष सिंह ने बताया कि यह शातिर गिरोह दिल्ली-एनसीआर (NCR) क्षेत्र में सक्रिय था। ये लोग अर्टिगा कार में सवारियों को लिफ्ट देकर बैठाते थे। इसके बाद हथियारों के बल पर डरा-धमकाकर डिजिटल माध्यमों (UPI और ATM) से जबरन पैसे ट्रांसफर करवाते थे और पुलिस कमिश्नर के निर्देश और उच्च अधिकारियों के पर्यवेक्षण में थाना सेक्टर-39 पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस टीम ने स्टेलर ग्रीन पार्क के पास से पांच शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया और इनके कब्जे से अवैध हथियार और अपराध में इस्तेमाल होने वाली फर्जी नंबर प्लेट लगी अर्टिगा कार बरामद की गई है और पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है। इनके पुराने आपराधिक इतिहास (Criminal History) को खंगाला जा रहा है और गिरोह के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए सख्त वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।