दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे से कितना कम होगा सफर का समय? जानिए पूरा रूट और बड़े फायदे।

:- 6 घंटे का सफर अब 3 घंटे में, ₹12,000 करोड़ की परियोजना से बदलेगा उत्तर भारत का ट्रैवल

नई दिल्ली/देहरादून। केंद्र सरकार की प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे अब आम लोगों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनने जा रहा है। करीब 210 से 213 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे राजधानी दिल्ली को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से आधुनिक और तेज मार्ग के जरिए जोड़ेगा।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस परियोजना की कुल लागत लगभग ₹12,000 करोड़ रही है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून तक का सफर, जो पहले 5 से 6 घंटे तक लेता था, अब घटकर करीब 2.5 से 3 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।

क्या है पूरा रूट?
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली से शुरू होकर उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरता है और देहरादून तक पहुंचता है।
मुख्य रूप से यह रूट इन क्षेत्रों को जोड़ता है:

  • दिल्ली
  • बागपत
  • मुजफ्फरनगर
  • सहारनपुर
  • देहरादून

इस हाईवे के निर्माण से इन क्षेत्रों में यातायात का दबाव कम होगा और औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियों को गति मिलेगी।

एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर
इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात इसका पर्यावरण-अनुकूल डिजाइन है। यह मार्ग Rajaji National Park से होकर गुजरता है, जहां वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए करीब 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया गया है।
इसे एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर माना जा रहा है, जिससे जानवरों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी और पर्यावरण संतुलन बना रहेगा।

सफर में कितना होगा बदलाव?
अब तक दिल्ली–देहरादून रूट पर यात्रा करने वाले लोगों को ट्रैफिक और संकरी सड़कों के कारण लंबा समय लग जाता था।

इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद:

  • सफर का समय लगभग आधा हो जाएगा
  • ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी
  • ईंधन की बचत होगी

यह बदलाव खासतौर पर वीकेंड ट्रैवलर्स और रोजाना आने-जाने वालों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।

टोल टैक्स को लेकर क्या है स्थिति?
दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे पर टोल टैक्स की दरें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (National Highways Authority of India) द्वारा निर्धारित की जाएंगी। फिलहाल इसकी आधिकारिक दरों की घोषणा नहीं की गई है।
हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि टोल दरें दूरी और वाहन श्रेणी के आधार पर तय होंगी और संचालन शुरू होने के बाद इन्हें सार्वजनिक किया जाएगा।


कनेक्टिविटी और विकास को मिलेगा बढ़ावा
इस एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के रूप में सामने आएगा। विशेष रूप से सहारनपुर, मुजफ्फरनगर जैसे जिलों को सीधा लाभ मिलेगा।

इसके अलावा:

  • पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
  • व्यापार और निवेश के अवसर बढ़ेंगे
  • स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे

दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे केवल एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर भारत के विकास का एक मजबूत आधार है। यह परियोजना जहां यात्रा को आसान बनाएगी, वहीं आर्थिक गतिविधियों और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति देगी।

Author

  • Harvir Chauhan

    Harvir Chauhan
    Editor-in-Chief & Founder, News Diary Today

    हरवीर चौहान एक वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और मीडिया उद्यमी हैं, जिन्हें समाचार एवं डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 10+ वर्षों का अनुभव है। वे Doordarshan Uttar Pradesh और India News जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे NewsDiaryToday.com और ‘न्यूज़ डायरी टुडे’ साप्ताहिक समाचार पत्र के संस्थापक एवं Editor-in-Chief हैं। वे तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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