✍️ योगेश राणा
:- पर्यावरण कानून के तहत केस, 5 नामजद
न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा
ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत के मामले में नोएडा पुलिस ने दूसरी एफआईआर दर्ज की है। बता दें कि यह मुकदमा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई निर्माण स्थल पर पानी से भरे गहरे गड्ढे को असुरक्षित छोड़ने और पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के आधार पर की गई है और इस मामले में पुलिस ने इस दूसरी एफआईआर में 5 लोगों को नामजद किया है। इनमें बिल्डर अभय कुमार, मनोज कुमार, संजय कुमार, अचल वोहरा और निर्मल शामिल हैं और यह एफआईआर लोटस ग्रीन्स कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और विजटाउन (Wishtown) प्लानर्स के भागीदारों के खिलाफ नॉलेज पार्क थाने में दर्ज की गई है।
युवराज मेहता मामले में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एसआईटी (SIT) की जांच मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर केंद्रित है:
अधिकारियों की भूमिका : टीम इस बात की जांच कर रही है कि संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों ने घटना के दौरान अपनी ड्यूटी में लापरवाही तो नहीं बरती।
रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी : एसआईटी उन कारणों का पता लगा रही है जिनकी वजह से बचाव कार्य (rescue operation) शुरू करने में देरी हुई, जिससे स्थिति अधिक गंभीर हो गई।
जवाबदेही तय करना : जांच का मुख्य उद्देश्य उन व्यक्तियों या विभागों की पहचान करना है जो इस चूक के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार हैं, ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।