विदेशी नौकरी के नाम पर ‘साइबर स्लेवरी’: नोएडा पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय रैकेट किया बेनकाब।

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।

थाना साइबर क्राइम नोएडा पुलिस ने भारतीय युवाओं को ‘साइबर स्लेवरी’ (cyber slavery) के जाल में धकेलने वाले एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है और पुलिस ने एक फर्जी एजेंटों को गिरफ्तार किया है जो विदेश में आकर्षक नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं को दक्षिण-पूर्वी एशियाई देशों (जैसे कंबोडिया, म्यांमार और थाईलैंड) में भेजते थे और जहाँ उन्हें जबरन साइबर अपराध करने के लिए मजबूर किया जाता था और इस कार्रवाई को
नोएडा पुलिस ने अंजाम दिया है।

क्या था अपराध का तरीका (Modus Operandi)

आरोपियों द्वारा युवाओं को थाईलैंड जैसे देशों में ₹1 लाख प्रति माह तक के वेतन वाली डेटा एंट्री की नौकरियों का लालच दिया जाता था और युवाओं के वहां पहुँचने पर उनके पासपोर्ट जब्त कर लिए जाते थे और उन्हें अवैध रूप से म्यांमार या कंबोडिया के “साइबर कंपाउंड्स” (जैसे ‘केके पार्क’) में ले जाया जाता था और इन युवाओं को जबरन भारत में रहने वाले लोगों के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी और निवेश घोटाले करने के लिए मजबूर किया जाता था।

डीसीपी साइबर क्राइम ने लोगों से की अपील!

डीसीपी साइबर क्राइम ……… ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त टेलीग्राम और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग करके युवाओं को निशाना बनाता था और इसको प्रति व्यक्ति ₹15,000 से ₹20,000 तक का कमीशन मिलता था।नोएडा पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि वे सोशल मीडिया पर नौकरी के विज्ञापनों की सत्यता आधिकारिक वेबसाइटों से जांचें और आम लोगों से अपील की है कि संदिग्ध साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें और यह कार्रवाई साइबर अपराध के खिलाफ नोएडा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। इसके तहत पिछले दो वर्षों में 2,000 से अधिक साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है।

पीड़ित ने बताईं आपबीती!

नोएडा सेक्टर 73 निवासी वादी मुकदमा द्वारा थाना साइबर क्राइम में जनवरी 2026 में अभियोग पंजीकृत कराया गया था और बताया कि शुभम नाम के व्यक्ति द्वारा विदेश में जॉब दिलाने के नाम पर ₹80000 लिए गये एवं वादी को एयर टिकट पर थाईलैंड भेजा गया जहां से वादी को साइबर अपराधियों द्वारा कब्जे में लेकर म्यांमार देश ले जाया गया जहां पर उसको साइबर स्लेवरी में रखकर दुनिया के विभिन्न देशो के व्यक्तियों को साइबर ठगी हेतु विभिन्न सोशल मीडिया प्लेट फार्म फेसबुक इस्ट्राग्राम, टिन्डर ऐप आदि के माध्यम से ग्रेटिंग मैसेज भिजवाकर ठगी करायी जाती थी। रेस्क्यू के बाद वादी मुकदमा भारत लाया गया। पीडित की लिखित तहरीर के आधार पर सुसगंत धाराओ में एजेंट के खिलाफ थाना साइबर क्राइम पर अभियोग पंजीकृत कराया गया। वादी द्वारा बताया गया था कि अभियुक्त शुभम से इंस्टाग्राम के माध्यम से संपर्क हुआ था और उसने विदेश में थाइलैंड में डाटा एन्टी की जॉब दिलाने के नाम पर 80000 रुपए लिए थे। उसके बाद अपराधी अभियुक्त द्वारा थाइलैंड से म्यांमार देश में बैठे साइबर अपराधियों के हवाले कर दिया। जिनके द्वारा वादी मुकदमा से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेट फार्म फेसबुक इस्ट्राग्राम, टिन्डर एप आदि के माध्यम से ग्रेटिंग मैसेज कराकर साइबर ठगी करायी गयी।