ताले में बंद सुविधा : नोएडा में जनता खुले में जाने को मजबूर।

✍️ योगेश राणा।

:- जनसुविधा या दिखावा? नोएडा के टॉयलेट सवालों के घेरे में।

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।

नोएडा में सार्वजनिक शौचालयों की स्थिति एक गंभीर समस्या बन गई है। करोड़ों की लागत से बने टॉयलेट रखरखाव के अभाव में केवल ‘शोपीस’ बनकर रह गए हैं। ऐसा हम इस लिए कह रहे हैं क्योंकि शहर के अनेकों शौचालयों पर ताले लटके हुए हैं। कई स्थानों पर शौचालय केवल नाम के लिए बने हैं। क्योंकि वहाँ ना तो दरवाजे हैं और ना ही पानी की आपूर्ति,जिससे वे पूरी तरह से अनुपयोगी हो गए हैं।स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए (RWA) का आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा निरीक्षण और देखरेख की कमी है। हालांकि नोएडा प्राधिकरण ने लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों पर जुर्माना भी लगाया है, लेकिन जमीन पर स्थिति में सुधार नहीं दिख रहा है।

शौचालयों में क्या क्या है समस्याएं!

रखरखाव का अभाव: नोएडा प्राधिकरण द्वारा शहर के विभिन्न सेक्टरों और मुख्य बाजारों में ‘पिंक टॉयलेट’ और सामान्य सार्वजनिक शौचालय बनवाए गए हैं। हालांकि, नियमित सफाई न होने के कारण इनमें गंदगी का अंबार रहता है और बदबू के कारण इनका उपयोग करना असंभव हो जाता है।

बिजली और पानी की कमी: कई शौचालयों में पानी की सप्लाई कटी हुई है और बिजली के कनेक्शन न होने से शाम के बाद ये पूरी तरह अनुपयोगी हो जाते हैं

टूट-फूट और चोरी: कई जगहों पर टॉयलेट के दरवाजे, नल और अन्य फिटिंग्स चोरी हो चुकी हैं या टूट गई हैं, जिससे सुरक्षा और गोपनीयता का अभाव रहता है।

पिंक टॉयलेट की बदहाली: महिलाओं के लिए विशेष रूप से बनाए गए ‘पिंक टॉयलेट’ की हालत भी खस्ता है। कई जगहों पर इन पर ताले लटके रहते हैं या इनके अंदर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है।