गौतमबुद्धनगर में शराब ठेकों की ओवर-रेटिंग पर सरकार का बड़ा एक्शन।

✍️ योगेश राणा

आबकारी विभाग : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत गौतमबुद्धनगर में एक बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। बता दें कि आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल के निर्देश पर जिला आबकारी अधिकारी (DEO) सुबोध कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है,सुबोध कुमार पर कार्यों में लापरवाही बरतने, अनुशासनहीनता और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने के गंभीर आरोप थे। विभागीय जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद यह कदम उठाया गया है। निलंबन की अवधि के दौरान सुबोध कुमार को प्रयागराज स्थित आबकारी आयुक्त कार्यालय से संबद्ध किया गया है

लापरवाही एवं भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं:आबकारी मंत्री उत्तर प्रदेश

आबकारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार या कार्य में शिथिलता बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा और यह कदम प्रदेश में प्रशासनिक जवाबदेही तय करने और अवैध शराब की बिक्री पर लगाम लगाने के सरकार के प्रयासों का हिस्सा माना जा रहा है।

किस मामले में हुई कार्रवाई

इस मामले में मेरठ संभाग के तत्कालीन उप आबकारी आयुक्त राकेश कुमार सिंह द्वारा की गई विस्तृत जांच में ओवर-रेटिंग की पुष्टि हुई थी और इसके पूर्व अक्टूबर 2024 में भी ओवर-रेटिंग के खिलाफ अभियान चलाकर 26 शराब ठेका संचालकों पर प्रत्येक 75,000 रुपये का जुर्माना(कुल 19.5 लाख रुपये) लगाया गया था।

कब-कब और किस तारीख हुई थी जांच:

23 दिसंबर 2024: निरीक्षण के दौरान 9 दुकानों पर ओवर-रेटिंग पाई गई।

20 जनवरी 2025: जांच के दौरान 16 दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक वसूली की पुष्टि हुई।