Noida News : सफाई यूनियन नेताओं पर 8 धाराओं में केस, पुलिस की बड़ी कार्रवाई।

✍️ योगेश राणा

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।

Noida: नोएडा प्राधिकरण और सफाई कर्मचारियों के बीच विवाद गहरा गया है। 18 मार्च 2026 तक की ताजा जानकारी के अनुसार, नोएडा पुलिस ने प्रदर्शनकारी सफाई यूनियन के नेताओं और उनके सहयोगियों पर एक और मुकदमा दर्ज किया है। नोएडा प्राधिकरण के सीईओ कृष्णा करुणेश ने सख्त रुख अपनाते हुए काम में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है और चेतावनी दी है कि शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। बता दें कि नोएडा पुलिस ने सफाई कर्मचारी नेताओं—राधे पारचा, बबलू पारचा, रवि पारचा, और सतवीर मकवाना सहित 10 नामजद और 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ 8 गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। इन पर सरकारी काम में बाधा डालने, अधिकारियों से अभद्रता करने और अन्य कर्मचारियों को काम से रोकने का आरोप है। इससे पहले सोमवार को भी 8 नेताओं को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं पिछले 4-5 दिनों से जारी हड़ताल के कारण नोएडा के कई सेक्टरों में कूड़े के ढेर लग गए हैं। प्राधिकरण ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर निजी एजेंसियों को सफाई के काम में लगाया है।

विवाद का मुख्य कारण:

सफाई कर्मचारी जनस्वास्थ्य विभाग का सिविल विभाग में विलय किए जाने का विरोध कर रहे हैं। उनका दावा है कि उनसे सफाई के अलावा निर्माण मलबा उठाने जैसा अतिरिक्त ‘सिविल कार्य’ कराया जा रहा है, जबकि वेतन नहीं बढ़ाया गया है और प्रदर्शनकारी कर्मचारी अपने गिरफ्तार नेताओं की तत्काल रिहाई और उन पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग पर अड़े हुए हैं। समाजवादी पार्टी ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है।

पुलिस अधिकारी लगातार यूनियन नेताओं और कर्मचारियों के संपर्क में हैं: एसीपी द्वितीय

एसीपी (द्वितीय) स्वतंत्र कुमार सिंह ने सफाई कर्मचारी यूनियन के नेताओं पर दर्ज मुकदमे और चल रहे विरोध प्रदर्शन के संबंध में मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया है और उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और कानून को अपने हाथ में न लेने की अपील की है और उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राधिकरण की शिकायत पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, अधिकारियों पर दबाव बनाने और अन्य कर्मचारियों को काम से रोकने के आरोपों की गहन जांच की जा रही है और स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए उन्होंने नोएडा प्राधिकरण कार्यालय और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भारी पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की है ताकि किसी भी तरह की हिंसा या तोड़फोड़ को रोका जा सके और पुलिस अधिकारी लगातार यूनियन नेताओं और कर्मचारियों के संपर्क में हैं ताकि बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जा सके और शहर की सफाई व्यवस्था को बहाल किया जा सके।