Greater Noida Authority Board Meeting 2026 : 6048 करोड़ बजट, EV बस और जल शुल्क में बड़ी राहत।

न्यूज़ डायरी टुडे, ग्रेटर नोएडा।

Greater Noida : ग्रेटर नोएडा में रहने वाले लोगों, निवेशकों और फ्लैट खरीदारों के लिए शनिवार का दिन कई मायनों में राहत और उम्मीद लेकर आया। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 143वीं बोर्ड बैठक में ऐसे कई फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर शहर की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा—चाहे वह पानी के बिल में राहत हो, ट्रैफिक से छुटकारा दिलाने की योजना हो या फिर बेहतर कनेक्टिविटी और सार्वजनिक परिवहन की सुविधा। इस बैठक ने साफ कर दिया कि आने वाले समय में ग्रेटर नोएडा को और ज्यादा व्यवस्थित, आधुनिक और रहने योग्य शहर बनाने की दिशा में तेजी से काम होगा।

6048 करोड़ का बजट पास: विकास की रफ्तार होगी तेज
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 6048 करोड़ का बजट मंजूर किया गया। खास बात यह है कि आमदनी और खर्च दोनों बराबर रखे गए हैं, जिससे वित्तीय संतुलन बनाए रखने पर जोर साफ दिखता है।

इस बजट में सबसे ज्यादा फोकस जमीन अधिग्रहण, इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रामीण विकास पर है। करीब ₹1150 करोड़ जमीन अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे, जबकि ₹2176 करोड़ निर्माण और विकास कार्यों के लिए तय किए गए हैं। इसमें नए सेक्टरों का विकास, फुटओवर ब्रिज, बस शेल्टर, बिजली सबस्टेशन, एसटीपी और अन्य बुनियादी सुविधाएं शामिल हैं।

पानी के बिल में बड़ी राहत : नहीं बढ़ेगा जल शुल्क
हर साल बढ़ने वाला पानी का बिल इस बार लोगों को परेशान नहीं करेगा।
प्राधिकरण ने 2013-14 के बाद पहली बार जल शुल्क में 10% की वृद्धि न करने का फैसला लिया है। इसके साथ ही बकाया पानी के बिल वालों के लिए एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू की गई है।

OTS का लाभ कैसे मिलेगा:

  • 30 जून तक भुगतान करने पर 40% ब्याज छूट
  • 31 जुलाई तक 30% छूट
  • 31 अगस्त तक 20% छूट

यह फैसला उन हजारों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है जो बढ़ते बिलों से परेशान थे।

गंगा एक्सप्रेसवे और एयरपोर्ट से बेहतर कनेक्टिविटी

ग्रेटर नोएडा को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए दो बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

पहली परियोजना के तहत 105 मीटर रोड को गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने के लिए नई सड़क बनाई जाएगी। दूसरी योजना में लॉजिस्टिक हब से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के समानांतर 6 लेन एलिवेटेड रोड का निर्माण होगा।

फ्लैट खरीदारों के लिए राहत : OTS योजना लागू

बहुमंजिला फ्लैट में रहने वाले लोगों के लिए भी राहत की खबर आई है।

ईडब्ल्यूएस से लेकर 135 वर्ग मीटर तक के फ्लैट आवंटियों को बकाया प्रीमियम और लीज डीड पर ब्याज में छूट दी जाएगी।

  • 80% तक ब्याज में राहत
  • डिफॉल्ट पर पेनल्टी नहीं लगेगी

आवंटन दरों में मामूली बढ़ोतरी, निवेशकों को राहत

  • प्राधिकरण ने संपत्तियों की दरों में सिर्फ 3.58% की वृद्धि की है।

परी चौक जाम से मिलेगी राहत, IIT दिल्ली बनाएगा प्लान

परी चौक और आसपास के इलाकों में लगने वाले ट्रैफिक जाम से जल्द राहत मिल सकती है।

इसके लिए IIT दिल्ली को ट्रैफिक समाधान तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

उद्योगों को मिलेगी निर्बाध बिजली

ईकोटेक-10 में 220 केवी का नया बिजलीघर बनाया जाएगा।उद्योगों को बिना रुकावट बिजली मिलेगी आसपास के घरों में भी बिजली समस्या कम होगी

आग से सुरक्षा के लिए बड़ा कदम : 100 करोड़ मंजूर

बहुमंजिला इमारतों में आग से निपटने के लिए 102 मीटर के दो हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म खरीदे जाएंगे। यह कदम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है, खासकर ऊंची इमारतों में रहने वालों के लिए।

एनडीआरएफ को मिलेगा आवास, आपदा में राहत तेज

ओमीक्रॉन-1A में NDRF को फ्लैट किराए पर दिए जाएंगे। ताकी आपदा के समय राहत कार्य तेजी से होगा स्थानीय लोगों को तुरंत मदद मिल सकेगी

EV बस सेवा से मिलेगा सस्ता और साफ सफर

चार रूटों पर 15 इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी। जिस शहर वासियों को सस्ता और सुविधाजनक सफर मिल सके और प्रदूषण में भी कमी होगी साथ ही एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी।

लिगेसी प्रोजेक्ट्स से हजारों लोगों को मिला घर

40,570 फ्लैट की रजिस्ट्री हो चुकी है और 75,000 फ्लैटों जो वर्षों से अपने घर का इंतजार कर रहे है उन लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

पर्यावरण और भविष्य पर फोकस : कार्बन क्रेडिट प्रोजेक्ट

बोर्ड बैठक में ग्रीन बिल्डिंग, सोलर ऊर्जा और बड़े स्तर पर पौधरोपण जैसे पर्यावरण अनुकूल प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया। इन पहलों के जरिए शहर में प्रदूषण कम करने, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर रहेगा। प्राधिकरण का लक्ष्य ग्रेटर नोएडा को एक स्वच्छ, हरित और पर्यावरण संतुलित शहर के रूप में विकसित करना है। साथ ही, यह कदम भविष्य की पीढ़ियों के लिए टिकाऊ और सुरक्षित विकास सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।