वर्दी वाली ‘दुर्गा’ – लक्ष्मी सिंह
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Noida News : जिस कुर्सी पर बैठकर बड़े-बड़े अफसरों के पसीने छूट जाते हैं, उस पर एक महिला अधिकारी ने न सिर्फ इतिहास रचा, बल्कि अपराधियों के दिलों में खौफ भी पैदा कर दिया। बात हो रही है उत्तर प्रदेश की पहली महिला पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की, जिनका आज जन्मदिन है।
2000 बैच की IPS से नोएडा कमिश्नर तक का सफर
लक्ष्मी सिंह 2000 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। साल 2022 में जब उन्होंने नोएडा पुलिस कमिश्नरेट की कमान संभाली, तो कई लोगों ने सवाल उठाए कि एक महिला इतने हाई-प्रोफाइल जिले को कैसे संभालेगी।
लेकिन उन्होंने अपने काम से हर शंका का जवाब दिया और साबित कर दिया कि नेतृत्व लिंग नहीं, क्षमता से तय होता है।
रात 2 बजे सड़क पर उतरकर बदला अपराध का ग्राफ
नोएडा में बढ़ती लूट की घटनाओं के बीच एक रात 2 बजे लक्ष्मी सिंह खुद वर्दी में सड़कों पर उतर पड़ीं।
नाकों पर तैनात पुलिसकर्मी भी उन्हें देखकर चौंक गए। उस रात चले सघन चेकिंग अभियान का असर यह हुआ कि अगले तीन महीनों तक शहर में लूट की कोई बड़ी वारदात सामने नहीं आई।
‘स्पेशल-35’ टीम: साइबर ठगों पर बड़ी कार्रवाई
जब नोएडा में साइबर अपराध बढ़ रहे थे, तब लक्ष्मी सिंह ने ‘स्पेशल-35’ टीम का गठन किया।
6 महीनों में लगभग 1200 करोड़ रुपये की ठगी रोकी गई
400 से अधिक साइबर अपराधी गिरफ्तार किए गए
इस कार्रवाई के बाद दिल्ली-NCR के ठगों के बीच संदेश साफ था—
“नोएडा में लक्ष्मी सिंह हैं, बचकर रहना।”
‘ऑपरेशन पिंक’: महिलाओं की सुरक्षा पर खास फोकस
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ‘ऑपरेशन पिंक’ के तहत हर थाने में 24×7 महिला हेल्प डेस्क स्थापित करवाई गई।
खुद लक्ष्मी सिंह रात 11 बजे तक थानों का औचक निरीक्षण करती थीं।
सेक्टर-18 में छेड़छाड़ की एक घटना में मात्र 7 मिनट में पुलिस पहुंची और आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
इस कार्रवाई के बाद शहर की महिलाओं ने कहा—
“अब लगता है वर्दी में कोई अपना है।”
संकट के समय भी फ्रंटलाइन पर रहीं
- कोविड-19 के दौरान PPE किट पहनकर कंटेनमेंट जोन में पहुंचना
- किसान आंदोलन के दौरान 72 घंटे तक लगातार ड्यूटी करना
- श्रमिक दिवस पर ड्रोन कंट्रोल रूम से खुद निगरानी करना
- हर चुनौती में लक्ष्मी सिंह ने फ्रंटलाइन लीडर की भूमिका निभाई।
‘लेडी सिंघम’ की छवि, जनता का भरोसा
आज नोएडा का हर नागरिक उनके नेतृत्व की सराहना करता है। उन्होंने यह साबित किया कि वर्दी में सख्ती के साथ संवेदनशीलता भी हो सकती है।
उनकी कार्यशैली ने लाखों युवतियों को प्रेरित किया है कि वे भी पुलिस सेवा में आकर समाज की रक्षा कर सकती हैं।
लक्ष्मी सिंह का नेतृत्व सिर्फ कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक प्रेरणा है—साहस, संवेदनशीलता और निर्णायक कार्रवाई की मिसाल।