नोएडा पुलिस का मान बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। सेंट्रल नोएडा के एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह को लखनऊ के लोक भवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘मुख्यमंत्री वीरता पदक’ से सम्मानित किया। यह सम्मान उनके साहसिक पुलिस अभियानों और अपराधियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के लिए दिया गया।
News Diary Today | Noida/lucknow
नोएडा लखनऊ न्यूज़ | लखनऊ के लोक भवन में आयोजित एक भव्य अलंकरण समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सेंट्रल नोएडा के एडिशनल डीसीपी (अपर पुलिस उपायुक्त) स्वतंत्र कुमार सिंह को पुलिस वीरता पदक (Gallantry Medal) से सम्मानित किया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के 2012 बैच के पीपीएस (PPS) अधिकारी स्वतंत्र कुमार सिंह को यह पदक उनकी अदम्य बहादुरी, उत्कृष्ट सेवाओं और अपराधियों के खिलाफ साहसिक अभियानों के लिए प्रदान किया गया है। बता दें कि उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के लोक भवन में आयोजित एक उच्च स्तरीय समारोह के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के कुल 26 जांबाज पुलिसकर्मियों को मेडल देकर सम्मानित किया। इनमें से 10 पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री वीरता पदक और 16 को विशिष्ट सेवा पदक दिए गए। इसी गौरवशाली सूची में सेंट्रल नोएडा के एडिशनल डीसीपी स्वतंत्र कुमार सिंह भी शामिल रहे, जिन्हें मुख्यमंत्री ने स्वयं मंच पर प्रशस्ति पत्र और वीरता पदक सौंपकर उनकी बहादुरी को सराहा।
कौन हैं स्वतंत्र कुमार सिंह?

स्वतंत्र कुमार सिंह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के रहने वाले हैं। उन्होंने इतिहास विषय से पोस्ट ग्रेजुएशन (M.A.) किया है।वह 2012 बैच के पीपीएस (PPS) अधिकारी हैं। नोएडा और गाजियाबाद क्षेत्र में उनकी तैनाती के दौरान बड़े-बड़े अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए उन्हें एक बेहद निर्भीक अधिकारी माना जाता है। हाल ही में मार्च 2026 में उन्हें एसीपी (ACP) से प्रमोट कर एडिशनल डीसीपी (ADCP) बनाया गया था।वर्दी के पीछे स्वतंत्र कुमार सिंह एक बेहतरीन नेशनल शूटर भी हैं। वह 12 बोर शॉट गन शूटिंग प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं और उत्तर प्रदेश स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप में 1 गोल्ड और 3 सिल्वर समेत 5 मेडल जीतकर पुलिस विभाग का नाम खेल जगत में भी रोशन कर चुके हैं।
क्यों मिला यह वीरता पुरस्कार?
स्वतंत्र कुमार सिंह को पूर्व में गाजियाबाद और नोएडा में तैनाती के दौरान कफ सिरप माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने, चुनौतीपूर्ण एनकाउंटर ऑपरेशन्स को सफलतापूर्वक अंजाम देने और अदम्य साहस का परिचय देने के लिए इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए चुना गया था। इसके अलावा कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने और उनकी त्वरित निर्णय लेने की क्षमता के कारण विभाग में उनकी एक अलग पहचान है।
शॉर्टकट का रास्ता दुर्गति का कारण’—सीएम योगी का कड़ा संदेश
पदक वितरण के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए कानून व्यवस्था पर कड़ा रुख बनाए रखने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों को नसीहत देते हुए कहा कि “शॉर्टकट का रास्ता जब भी कोई व्यक्ति अपनाने का प्रयास करता है, तो वह प्रगति का नहीं, दुर्गति का ही कारण बनता है।” उन्होंने साल 2017 से पहले की उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और आज के सुरक्षित माहौल में आए बड़े बदलाव का भी जिक्र किया।इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 87 नए इंटरसेप्टर वाहनों को हरी झंडी दिखाई और पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह द्वारा लिखित ‘संघर्ष’ नामक पुस्तक का विमोचन भी किया।
