Noida Crime : 1XBET के लिए काम कर रहा था फर्जी कॉर्पोरेट नेटवर्क, विदेशी कनेक्शन का खुलासा।

✍️ योगेश राणा।

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।

नोएडा के थाना फेस-1 पुलिस ने i4C (भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र) के तकनीकी सहयोग से इस अवैध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया।यह कार्रवाई श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) के साइबर थाने में दर्ज एक केस के आधार पर की गई। अभियुक्त भारत में प्रतिबंधित 1XBET ऐप के लिए ‘टेक सपोर्ट’ के नाम पर कॉल सेंटर चला रहे थे और वे ग्राहकों को सट्टेबाजी के लिए उकसाते थे और MULE ACCOUNTS (किराए के बैंक खाते) के जरिए पैसा जमा कराते थे और पैसे को मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए घुमाकर राजस्व की चोरी की जा रही थी।

कॉर्पोरेट का फर्जी मुखौटा और विदेशी कनेक्शन का क्या है राज!

यह अवैध काम ‘MIR PEGASIS CONNECT PVT LTD’ और ‘PT FABLE TECHNOLOGY NUSANTARA’ के बीच एक समझौते की आड़ में किया जा रहा था और पुलिस के अनुसार 1XBET एक थर्ड पार्टी APK फाइल है, जो वेरिफाइड नहीं है और सीधे ब्राउज़र से डाउनलोड की जाती है और अभियुक्त मई 2022 में नेपाल के रास्ते मॉस्को (रूस) गया था, जहाँ उसने करीब ढाई साल 1XBET के मुख्य कार्यालय में काम किया और जून 2025 में रूसी अधिकारियों (लीजा नामक अधिकारी) द्वारा भारत भेजा गया था ताकि वह यहाँ 1XBET के ऑपरेशन्स को ‘डायरेक्टर’ के रूप में संभाल सके और भारत आने पर उसे शुरू में ‘REDDY APP’ की आईडी दी गई थी ताकि वह नेटवर्क को सक्रिय कर सके।

पुलिस की कार्यवाही जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा: एडीसीपी नोएडा

यह मामला ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी के खिलाफ भारत सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा है और वर्तमान में MeitY Online Gaming Guidelines. भारत में 1XBET जैसे प्लेटफॉर्म पूरी तरह प्रतिबंधित हैं और इनके माध्यम से वित्तीय लेन-देन करना कानूनी अपराध है
और भारतीय नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अनधिकृत APK या सट्टेबाजी ऐप पर अपनी वित्तीय जानकारी साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी की रिपोर्ट आप National Cyber Crime Reporting Portal पर कर सकते हैं।