शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे सीईओ, ग्रामीणों में जगी उम्मीद।

न्यूज़ डायरी टुडे,नोएडा।

ग्राम सदरपुर निवासी बबलू चौहान की ओर से नोएडा प्राधिकरण में की गई शिकायत के बाद प्राधिकरण ने त्वरित संज्ञान लिया। शिकायत में उठाए गए मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) ने ग्राम सदरपुर का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक एस.पी. सिंह, महाप्रबंधक (वि./यां.) आर.पी. सिंह, उप महाप्रबंधक (सिविल) विजय रावल, जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इंदु प्रकाश सिंह सहित वर्क सर्किल, जल खंड, विद्युत व यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामवासी मौजूद रहे। बबलू चौहान ने मौके पर ही गांव की प्रमुख समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया।


निरीक्षण के दौरान डीएससी मार्ग से एलिवेटेड रोड से उतरते समय वाहनों की तेज गति से संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए सेक्टर-41-42 के पास स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश दिए गए। सेक्टर-42 में खाली जमीन पर अवैध रूप से बनी झुग्गियों पर कार्रवाई न होने को गंभीर लापरवाही मानते हुए वर्क सर्किल-3 के वरिष्ठ प्रबंधक को नोटिस जारी करने और वेतन रोकने के आदेश दिए गए। इसके अलावा सदरपुर मैन रोड पर यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए सेक्टर-42-43 की ओर 100 मीटर दूरी पर यू-टर्न बनाने, मैनहोल सफाई के बाद तोड़ी गई कंक्रीट को दोबारा कंक्रीटीकरण कराने तथा सीवर व जलापूर्ति पाइपलाइन के कार्य शीघ्र पूर्ण कर सीसी रोड निर्माण कराने के निर्देश भी दिए गए।


नियमित सफाई न होने पर संबंधित ठेकेदार को नोटिस देने और प्रतिदिन सफाई सुनिश्चित कराने के आदेश दिए गए। सोम बाजार के पास रेहड़ी-ठेलियों से फैल रही गंदगी पर उन्हें तत्काल हटाने और दोबारा लगाए जाने पर अवर अभियंता व सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई। एफसीटीएस सेंटर से कूड़ा बाहर फैलने की समस्या पर कूड़े को सीधे कॉम्पेक्टर में डालने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही सड़क से नीचे हो चुके स्कूल भवन के पुनर्निर्माण, आईपीएस को चालू कराने, हाईमास्ट लाइट लगाने, सड़कों की मरम्मत, कम्युनिटी सेंटर के अनुरक्षण, ओपन जिम व खेल मैदान विकसित करने और तालाब की सफाई कर पुनर्जीवित करने के निर्देश भी जारी किए गए। सीईओ डॉ लोकेश एम ने जल विभाग के कार्य फरवरी के अंत तक और सिविल व विद्युत विभाग के कार्य मार्च के अंत तक पूरे करने के आदेश दिए, जबकि जनस्वास्थ्य विभाग को तीन दिन में संपूर्ण गांव की सफाई कर फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।