नोएडा के सेक्टर-82 स्थित ग्रीन व्यू अपार्टमेंट (एमआईजी पॉकेट-6) में सीढ़ियों का प्लास्टर टूटकर गिरने और अंदर की सरिया दिखाई देने से निवासियों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय निवासियों ने मरम्मत और स्ट्रक्चरल ऑडिट की मांग उठाई है। आखिर सरकारी आवासों की यह स्थिति क्यों है? जाने पूरी खबर।
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Noida News | नोएडा प्राधिकरण (Noida Authority) द्वारा निर्मित सेक्टर 82 स्थित ग्रीन व्यू अपार्टमेंट (एमआईजी पॉकेट 6) में निर्माण गुणवत्ता को लेकर एक बेहद चिंताजनक स्थिति सामने आई है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इमारतों के जीने (सीढ़ियों और गैलरी) का प्लास्टर टूट-टूट कर गिर रहा है और कंक्रीट हटने की वजह से अंदर की जंग लगी सरिया (आयरन रॉड्स) साफ दिखाई देने लगी हैं, जिससे किसी भी वक्त बड़े हादसे का डर बना हुआ है। बता दें कि नोएडा प्राधिकरण के दावों और लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर आशियाना खरीदने वाले मध्यम आय वर्ग (MIG) के लोगों की सुरक्षा दांव पर लगी है। सेक्टर 82 के GreenView Apartments (Pocket 6) से एक डराने वाली तस्वीर सामने आई है। यहाँ प्राधिकरण द्वारा बनाए गए एमआईजी (MIG) भवनों के कॉमन एरिया और जीने (सीढ़ियों) के हिस्से में छत और दीवारों का प्लास्टर अचानक उखड़कर गिर रहा है।हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि कंक्रीट का हिस्सा गिरने के बाद लेंटर के अंदर लगी लोहे की सरिया बाहर आ गई हैं। चूंकि जीने का इस्तेमाल हर दिन सैकड़ों निवासी ऊपर-नीचे आने-जाने के लिए करते हैं, ऐसे में जर्जर प्लास्टर का भरभरा कर गिरना किसी बड़ी अनहोनी को न्योता दे रहा है।
निवासियों में भारी आक्रोश और खौफ?
स्थानीय रेजिडेंट्स का कहना है कि प्राधिकरण की निर्माण गुणवत्ता में लापरवाही का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। MagicBricks पर उपलब्ध विवरण के अनुसार यह एक प्रीमियम और रेडी-टू-मूव प्रोजेक्ट माना जाता है, लेकिन धरातल पर मेंटेनेंस और बुनियादी मजबूती की कमी साफ दिख रही है।इस प्रकार की घटनाएं पहले भी दिल्ली-एनसीआर के कई हाई-राइज अपार्टमेंट्स में देखी जा चुकी हैं, जहां बालकनी या छत गिरने से निवासियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ग्रीन व्यू अपार्टमेंट के पॉकेट 6 के लोग अब सोशल मीडिया और लिखित शिकायतों के माध्यम से नोएडा प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित कर रहे हैं, ताकि वक्त रहते स्ट्रक्चरल ऑडिट (Structural Audit) कराकर इसकी मरम्मत कराई जा सके।