चंद सेकंड में वारदात और फिर फरार : नोएडा सेक्टर-113 पुलिस ने पकड़े लैपटॉप चोर, भारी मात्रा में माल जब्त।

Noida News : नोएडा शहर में पिछले कई दिनों से मॉल, रेस्टोरेंट और भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ी कारों का शीशा तोड़कर लैपटॉप चोरी की घटनाएं लगातार बढ़ रही थीं। कई लोग अपनी गाड़ियों में लैपटॉप बैग रखकर कुछ मिनटों के लिए बाहर जाते थे और लौटने पर उन्हें कार का टूटा शीशा और गायब सामान मिलता था। इन घटनाओं ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी थी। अब नोएडा कमिश्नरेट की थाना सेक्टर-113 पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ऐसे ही एक शातिर लैपटॉप चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस गैंग के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 31 चोरी के लैपटॉप, चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण, नकदी और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की है। आरोपियों का तरीका इतना शातिर था कि वे कुछ ही सेकंड में वारदात को अंजाम देकर मौके से फरार हो जाते थे।

कैसे हुआ लैपटॉप चोरी गैंग का पर्दाफाश
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक थाना सेक्टर-113 पुलिस को 11 मई 2026 को एक मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि कारों से लैपटॉप चोरी करने वाला एक सक्रिय गैंग ग्राम सोरखा इलाके में मौजूद है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम तुरंत एक्टिव हुई और इलाके में घेराबंदी शुरू कर दी गई।
पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से छापा मारते हुए तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ और जांच के दौरान उनकी पहचान लविश कुमार, अंकित यादव और राजेन्द्र वर्मा के रूप में हुई। तलाशी लेने पर पुलिस को उनके कब्जे से कई चोरी के लैपटॉप और अन्य सामान बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

रात के अंधेरे में चुनते थे अपना निशाना
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस के सामने अपने अपराध करने के तरीके का खुलासा किया। आरोपियों ने बताया कि वे रात के समय चोरी की मोटरसाइकिल पर घूमते थे और शहर के मॉल, रेस्टोरेंट, मार्केट और भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ी गाड़ियों की रेकी करते थे।

सबसे पहले आरोपी पार्किंग में खड़ी गाड़ियों के आसपास घूमकर यह देखते थे कि कौन सी गाड़ी लंबे समय से खड़ी है। इसके बाद छोटी टॉर्च की मदद से कार के शीशे के अंदर झांककर यह पता लगाया जाता था कि गाड़ी के अंदर लैपटॉप बैग या कोई कीमती सामान रखा है या नहीं।

जैसे ही उन्हें किसी वाहन में लैपटॉप दिखाई देता, आरोपी तुरंत सक्रिय हो जाते थे। वे अपने साथ रखी पोर्टेबल ग्लास ब्रेकर मशीन का इस्तेमाल करते थे, जिससे बिना ज्यादा आवाज किए कुछ ही सेकंड में कार का शीशा टूट जाता था। आरोपी शीशा टूटते ही लैपटॉप बैग उठाकर मौके से फरार हो जाते थे।

सुनसान जगहों पर छिपाते थे चोरी का माल
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी चोरी के तुरंत बाद लैपटॉप को सीधे बेचते नहीं थे। पुलिस से बचने के लिए वे पहले चोरी का सामान सुनसान इलाकों या खाली पड़े स्थानों पर छिपा देते थे। जब माहौल सामान्य हो जाता था तब वे चोरी के लैपटॉप को अलग-अलग माध्यमों से बेच देते थे।
पुलिस को शक है कि यह गैंग लंबे समय से नोएडा और आसपास के इलाकों में सक्रिय था और कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके अन्य साथियों और चोरी के नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।

31 लैपटॉप समेत भारी मात्रा में सामान बरामद
थाना सेक्टर-113 पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों के कब्जे से 31 चोरी के लैपटॉप बरामद हुए हैं, जो विभिन्न नामी कंपनियों के बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा पुलिस ने चोरी की एक मोटरसाइकिल, फर्जी नंबर प्लेट, लैपटॉप बैग, नकदी और कारों का शीशा तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी बरामद किए हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद लैपटॉप किन-किन लोगों के हैं और किन क्षेत्रों से चोरी किए गए थे।

आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी शातिर अपराधी हैं और इनके खिलाफ गौतमबुद्धनगर के विभिन्न थानों में पहले से 10 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें चोरी, वाहन चोरी और अन्य आपराधिक धाराओं से जुड़े मामले शामिल हैं।
पुलिस अब आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या इनका संबंध किसी बड़े चोरी गिरोह से है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने दी जानकारी
एडीसीपी नोएडा मनीषा सिंह ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि थाना सेक्टर-113 पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कारों से लैपटॉप चोरी करने वाले एक शातिर गैंग का खुलासा किया है। आरोपी रात्रि में चोरी की मोटरसाइकिल का प्रयोग कर मॉल, रेस्टोरेंट और भीड़भाड़ वाले इलाकों में खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाते थे।

उन्होंने बताया कि आरोपियों के कब्जे से 31 चोरी के लैपटॉप, चोरी में इस्तेमाल उपकरण, नकदी और फर्जी नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल बरामद की गई है। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज हैं और पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
एडीसीपी ने कहा कि पुलिस बरामद लैपटॉपों के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें वापस दिलाने का प्रयास कर रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों में कीमती सामान खुला छोड़कर न जाएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।