सेक्टर-63 नोएडा पुलिस की बड़ी कार्रवाई : ई-रिक्शा चोरी गिरोह का भंडाफोड़, 3 आरोपी गिरफ्तार।

एफएनजी गोलचक्कर के पास पुलिस ने की घेराबंदी, चोरी के 3 ई-रिक्शा बरामद।

Noida News : नोएडा के थाना सेक्टर-63 पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी किए गए तीन ई-रिक्शा भी बरामद किए हैं। इस कार्रवाई को स्थानीय खुफिया सूचना और गोपनीय इनपुट के आधार पर अंजाम दिया गया।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, थाना सेक्टर-63 पुलिस को सूचना मिली थी कि ई-रिक्शा चोरी करने वाले कुछ युवक एफएनजी गोलचक्कर के आसपास मौजूद हैं और चोरी के वाहनों को ठिकाने लगाने की फिराक में हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर तीन संदिग्ध युवकों को पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अंकित यादव पुत्र सुरेन्द्र यादव निवासी ग्राम छिजारसी थाना सेक्टर-63 गौतमबुद्धनगर उम्र 22 वर्ष, शिवम नागर पुत्र सुभाष चन्द्र निवासी ग्राम छिजारसी थाना सेक्टर-63 गौतमबुद्धनगर उम्र 21 वर्ष तथा शिव भूषण ठाकुर पुत्र अशोक ठाकुर मूल निवासी ग्राम बहादुरपुर देवकली थाना सुखपुरा जनपद बलिया एवं वर्तमान निवासी ग्राम छिजारसी थाना सेक्टर-63 नोएडा उम्र 24 वर्ष के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी कम पढ़े-लिखे हैं, जिनमें अंकित यादव और शिव भूषण ठाकुर 10वीं पास हैं, जबकि शिवम नागर 8वीं तक शिक्षित है।

पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा

पुलिस पूछताछ में मुख्य आरोपी अंकित यादव ने बताया कि वह अपने दोनों साथियों के साथ मिलकर नोएडा और आसपास के इलाकों से ई-रिक्शा चोरी करता था। चोरी के बाद आरोपी वाहनों को कुछ दिनों तक छिपाकर रखते थे और फिर उन्हें बेचने की योजना बनाते थे।

आरोपियों ने खुलासा किया कि चोरी किए गए ई-रिक्शा से वे पहले बैटरी निकाल लेते थे। इसके बाद बैटरियों को राह चलते फेरी वालों को बेच दिया जाता था। बैटरी बेचकर और ई-रिक्शा से मिलने वाली रकम को तीनों आरोपी आपस में बराबर बांट लेते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी से मिली रकम को खाने-पीने, घूमने-फिरने और मौज-मस्ती में खर्च कर देते थे।

पुलिस ने बरामद किए चोरी के वाहन

थाना सेक्टर-63 पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी के तीन ई-रिक्शा बरामद किए हैं। पुलिस अब इन ई-रिक्शा के असली मालिकों की पहचान करने में जुटी हुई है ताकि वाहनों को उनके मालिकों को सुपुर्द किया जा सके।

इसके साथ ही पुलिस उस फेरी वाले की भी तलाश कर रही है, जिसे आरोपी चोरी की बैटरियां बेचते थे। अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है और मामले में आगे भी गिरफ्तारी हो सकती है।

पुलिस ने क्या कुछ बताया।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। स्थानीय इंटेलिजेंस और सीसीटीवी निगरानी की मदद से अपराधियों पर नजर रखी जा रही है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अपने ई-रिक्शा और अन्य वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करें तथा संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।