:- सुप्रीम कोर्ट पहुंचा NEET UG 2026 पेपर लीक मामला, FAIMA ने हाई पावर कमेटी से री-एग्जाम की मांग की।
:- लाखों छात्रों के भविष्य पर संकट, परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल
नई दिल्ली : देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 एक बार फिर विवादों में घिर गई है। पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोपों के बीच अब यह मामला देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया है। फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर परीक्षा की निष्पक्षता और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
याचिका में मांग की गई है कि NEET UG 2026 की परीक्षा दोबारा कराई जाए और इसकी निगरानी सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली हाई पावर कमेटी के जरिए हो। FAIMA का कहना है कि मेडिकल प्रवेश जैसी संवेदनशील परीक्षा में किसी भी प्रकार की धांधली लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
हाई पावर कमेटी बनाने की मांग
FAIMA ने अपनी याचिका में कोर्ट से अपील की है कि एक स्वतंत्र और तकनीकी रूप से सक्षम हाई पावर कमेटी गठित की जाए। इस कमेटी में साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ, फॉरेंसिक साइंटिस्ट और परीक्षा प्रबंधन विशेषज्ञों को शामिल करने की मांग की गई है।
याचिका के अनुसार यह कमेटी केवल दोबारा परीक्षा की निगरानी ही नहीं करेगी, बल्कि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी करेगी।
NTA को बदलने की उठी मांग
याचिका में सबसे बड़ा सवाल National Testing Agency (NTA) की कार्यप्रणाली पर उठाया गया है। FAIMA ने कहा कि बार-बार विवादों में आने के कारण NTA की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है।
सुप्रीम कोर्ट से मांग की गई है कि केंद्र सरकार को निर्देश दिए जाएं कि या तो NTA में व्यापक सुधार किए जाएं या इसकी जगह नई, तकनीकी रूप से मजबूत और स्वतंत्र एजेंसी बनाई जाए, जो राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी तरीके से आयोजित कर सके।
CBI जांच रिपोर्ट चार हफ्ते में पेश करने की मांग
याचिका में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को भी जांच की प्रगति रिपोर्ट अदालत में पेश करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
FAIMA ने कहा है कि कोर्ट यह सुनिश्चित करे कि CBI चार सप्ताह के भीतर अपनी स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करे, जिसमें यह बताया जाए कि—
- अब तक कितने आरोपियों की गिरफ्तारी हुई
- किन लोगों से पूछताछ की गई
- पेपर लीक नेटवर्क कहां तक फैला है
- आरोपियों के खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई हुई
मेडिकल छात्रों और अभ्यर्थियों में बढ़ी चिंता
NEET UG देशभर के लाखों छात्रों के लिए मेडिकल करियर का सबसे बड़ा प्रवेश द्वार माना जाता है। ऐसे में पेपर लीक के आरोपों ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
कई छात्रों का कहना है कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं रही तो मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय होगा। सोशल मीडिया पर भी परीक्षा दोबारा कराने की मांग तेज होती जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की तारीख तय नहीं
फिलहाल सुप्रीम Court में इस मामले की सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है। हालांकि, शिक्षा जगत और मेडिकल छात्रों की नजरें अब कोर्ट के अगले कदम पर टिकी हुई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा मुद्दा बन सकता है।
NEET UG 2026 विवाद क्यों बना बड़ा मुद्दा?
विशेषज्ञों का मानना है कि NEET जैसी राष्ट्रीय परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। यदि परीक्षा प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर होता है तो इसका असर पूरे मेडिकल शिक्षा तंत्र पर पड़ सकता है।
यही वजह है कि छात्र संगठन, डॉक्टर एसोसिएशन और शिक्षा विशेषज्ञ अब परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार की मांग कर रहे हैं।