October 10, 2026

दिल्ली में बांग्लादेशियों के लिए एमसीडी का कड़ा निर्णय , अब नहीं जारी होगा जन्म प्रमाण पत्र

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नई दिल्ली।


दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने राजधानी में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान और उनके गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए कठोर उपायों की घोषणा की है। मसीडी ने सभी स्कूलों को निर्देशित किया है कि वे अवैध बांग्लादेशी प्रवासी बच्चों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाएं और किसी भी प्रकार के जन्म प्रमाण पत्र जारी करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाएंगे।

अवैध प्रवासियों के लिए कार्रवाई :


12 दिसंबर को गृह मंत्रालय के प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में एक वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अतिरिक्त आयुक्त और क्षेत्रीय अधिकारियों ने एमसीडी के आयुक्त का प्रतिनिधित्व किया। बैठक में इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की गई और संबंधित विभाग धारकों से कुछ निवारक उपायों पर जोर दिया गया।
बीपी भारद्वाज, उपायुक्त (मुख्यालय) एमसीडी ने कहा कि नगर निगम के स्कूलों में प्रवेश के समय अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की पहचान के लिए प्रभावी उपाय किए जाने चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि स्कूलों में अवैध प्रवासी बच्चों की पहचान करने के लिए एक समर्पित पहचान और सत्यापन अभियान चलाया जाए।

जन्म प्रमाण पत्र पर सख्ती:


एमसीडी ने स्पष्ट किया है कि अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को किसी भी परिस्थिति में जन्म प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। इसके लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि वह जन्म पंजीकरण और जन्म प्रमाण पत्र के वितरण के समय सभी एहतियाती निवारक उपाय सुनिश्चित करें। साथ ही, जिन अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों को जन्म प्रमाण पत्र जारी किए गए हैं, उनके पंजीकरणकर्ताओं की पहचान के लिए भी एक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं।

ये दिए निर्देश:


एमसीडी ने सभी संबंधित अधिकारियों को हर शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे तक की गई कार्रवाई का रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए उप आयुक्त (मुख्यालय) को निर्देशित किया है। इसके साथ ही, सभी स्कूल प्रमुखों को 31 दिसंबर तक आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का भी निर्देश दिया गया है।

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