:- पति-पत्नी-साला-दोस्त… ऐसे चला रहे थे 100 से ज्यादा चोरियों का खेल।
न्यूज़ डायरी, नोएडा।
सेक्टर-49 थाना पुलिस ने बंद घरों को निशाना बनाकर चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सरगना समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरोह पति-पत्नी, साला और दोस्त के साथ मिलकर संगठित तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस के अनुसार यह गिरोह अब तक 100 से अधिक चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है और सभी आरोपितों पर कुल 22 मुकदमे दर्ज हैं।
दिन में बहाना, रात में वारदात
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य दिन के समय किराये पर कमरा तलाशने के बहाने बंद घरों की रेकी करते थे। घर में ताले, आसपास की गतिविधियों और लोगों की आवाजाही पर नजर रखने के बाद रात में मौका पाकर चोरी को अंजाम देते थे।
ऐसी ही एक वारदात 13 दिसंबर को सेक्टर-49 डी-ब्लॉक निवासी जगदीश कपूर के घर हुई। जगदीश कपूर अपने परिवार के साथ खाटू श्याम मंदिर दर्शन के लिए गए हुए थे। इसी दौरान गिरोह ने उनके घर में घुसकर पानी की मोटर, नकदी, जेवरात, घरेलू सामान के साथ कार तक चोरी कर ली।
चोरी का माल बेचते समय दबोचा गिरोह
पुलिस ने बताया कि चोरी के माल को बेचने के लिए जाते समय गिरोह पुलिस के हत्थे चढ़ गया। थाना प्रभारी सुनील भारद्वाज के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम लगातार संदिग्धों की पहचान और तलाश में जुटी हुई थी। गुप्त सूचना के आधार पर थाना क्षेत्र से चारों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया।
गिरोह को पकड़ना पुलिस के लिए था बड़ा चुनौती पूर्ण: डीसीपी नोएडा
डीसीपी नोएडा यमुना प्रसाद ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बरेली के सुभाषनगर मोहल्ला निवासी आशीष मसीह, हरदोई के अधर्रा गांव के शाहरूख उर्फ शारूफ और उसकी बहन रूबीना तथा बिहार के अररिया जिले के बंधरा गांव निवासी विशाल के रूप में हुई है। वर्तमान में आशीष अपनी पत्नी रूबीना और साले शाहरूख के साथ नोएडा सेक्टर-44 के छलेरा गांव में रह रहा था, जबकि विशाल सलारपुर गांव में रहता था। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आशीष इस गिरोह का सरगना है और कुछ दिन पहले ही जेल से बाहर आया था। वह सेक्टर-39 थाना क्षेत्र का गैंगस्टर बदमाश है।
पुलिस के अनुसार आशीष पर 12, विशाल पर पांच, शाहरूख पर चार और रूबीना पर एक मुकदमा दर्ज है। सेक्टर-49 डी-ब्लॉक निवासी जगदीश कपूर की शिकायत पर इस चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया था।
डीसीपी नोएडा ने बताया कि संगठित तरीके से वारदात करने और लगातार ठिकाने बदलने के कारण इस गिरोह को पकड़ना पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती था, लेकिन टीम की सतर्कता और मेहनत से आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब इनके नेटवर्क और अन्य वारदातों की भी जांच कर रही है।