:- यात्रियों को मिली बड़ी राहत, दिल्ली IGI एयरपोर्ट के बराबर हुए किराए।
Noida News : नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर से उड़ान भरने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। जेवर विधायक Dhirendra Singh द्वारा एयरलाइंस कंपनियों के बढ़े हुए टिकट किराए पर सवाल उठाए जाने के बाद विमानन कंपनियों ने किरायों में भारी कटौती कर दी है। अब नोएडा एयरपोर्ट से यात्रा करने वाले यात्रियों को दिल्ली के Indira Gandhi International Airport के लगभग बराबर किराए पर फ्लाइट्स उपलब्ध होंगी।
विधायक धीरेंद्र सिंह ने उठाया था महंगे किराए का मुद्दा
हाल ही में जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने सार्वजनिक रूप से यह मुद्दा उठाया था कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से संचालित होने वाली उड़ानों के टिकट किराए दिल्ली के IGI एयरपोर्ट की तुलना में काफी अधिक रखे जा रहे हैं। उनका कहना था कि एयरपोर्ट संचालन के शुरुआती चरण में यात्रियों को आकर्षित करने और बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए किराए प्रतिस्पर्धी और आम जनता की पहुंच में होने चाहिए।
विधायक ने यह भी कहा था कि यदि नोएडा एयरपोर्ट से यात्रा महंगी रहेगी तो यात्रियों का रुझान दिल्ली एयरपोर्ट की ओर ही बना रहेगा, जिससे नए एयरपोर्ट की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है।
एयरलाइंस कंपनियों ने तुरंत घटाए किराए
विधायक के बयान और बढ़ते दबाव के बाद विमानन कंपनियों ने तत्काल प्रभाव से टिकट दरों में संशोधन किया। एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार कई प्रमुख रूट्स पर किराए में ₹1500 से ₹2000 तक की कटौती की गई है।
नई दरों के लागू होने के बाद अब मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद और अन्य बड़े शहरों के लिए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ानें अपेक्षाकृत सस्ती दरों पर उपलब्ध होंगी।
यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद
विशेषज्ञों का मानना है कि टिकट किरायों में कटौती का सीधा फायदा यात्रियों को मिलेगा और इससे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की लोकप्रियता तेजी से बढ़ सकती है। किफायती किराए मिलने से पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के यात्री जेवर एयरपोर्ट को प्राथमिकता दे सकते हैं।
इसके अलावा, एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब को भी बेहतर एयर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।
एयरपोर्ट प्रशासन ने क्या कहा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं और किफायती हवाई यात्रा उपलब्ध कराने के लिए एयरलाइंस कंपनियों के साथ लगातार समन्वय किया जा रहा है। उनका उद्देश्य एयरपोर्ट को उत्तर भारत के प्रमुख एविएशन हब के रूप में विकसित करना है।