बहन की सूनी गोद भरने के लिए बन गई ‘बच्चा चोर’; नोएडा पुलिस के चक्रव्यूह में फंसी आरोपी उपासना।

नोएडा के भंगेल स्थित अस्पताल से चोरी हुए तीन दिन के नवजात को पुलिस ने महज 8 घंटे में सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी महिला उपासना ने अपनी निःसंतान बहन की गोद भरने के लिए बच्चे को अगवा किया था। जानिए, कैसे CCTV फुटेज और पुलिस की मुस्तैदी से मासूम अपने माता-पिता के पास लौट आया।
News Diary Today | Noida News
नोएडा न्यूज़ | नोएडा पुलिस ने मात्र 8 घंटे के भीतर अस्पताल से चोरी हुए 3 दिन के नवजात शिशु को सकुशल बरामद कर लिया है। गौतमबुद्ध नगर के थाना फेस-2 पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने एक मां की गोद सूनी होने से बचा ली। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी महिला उपासना को NSEZ मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। बता दें कि यह मामला 6 अक्टूबर 2026 से शुरू होता है जब भंगेल स्थित एक अस्पताल में पीड़ित की पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया। 8 अक्टूबर की शाम को उपासना नाम की महिला अस्पताल आई। उसने सरकारी योजना के तहत 2,500 रुपये दिलाने का लालच देकर बच्चे की मां और नानी का भरोसा जीता। अगले दिन 9 अक्टूबर की सुबह वह फिर आई, नवजात को प्यार करने के बहाने गोदी में लिया और परिजनों को बातों में उलझाकर बच्चे को लेकर चंपत हो गई।अस्पताल से बच्चा चोरी होने की खबर मिलते ही कमिश्नरेट गौतमबुद्ध नगर की थाना फेस-2 पुलिस तुरंत एक्शन में आ गई। पुलिस टीमों ने बिना वक्त गंवाए मैनुअल इंटेलिजेंस एक्टिव किया और अस्पताल सहित आसपास के रास्तों के CCTV फुटेज खंगालने शुरू किए। सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी की और घटना के महज 8 घंटे के अंदर बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।
आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी!
पुलिस ने मुख्य अभियुक्त उपासना (उम्र 26 वर्ष) को NSEZ मेट्रो स्टेशन के पास से धर दबोचा। वह मूल रूप से बागपत के थाना बड़ौत के ग्राम बावली की रहने वाली है और वर्तमान में भंगेल में ही रह रही थी। मौके से पुलिस ने बिना नंबर प्लेट की एक स्कूटी भी बरामद की है, जिसे मोटर व्हीकल (MV) एक्ट के तहत सीज कर दिया गया है। इसके अलावा वारदात में शामिल एक बाल अपचारी को भी संरक्षण में लिया गया है।गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की, तो उपासना ने चौंकाने वाली वजह बताई। उसने कुबूल किया कि उसकी अपनी सगी बहन की कोई संतान नहीं है। वह अपनी बहन की सूनी गोद को भरने के लिए ही इस घिनौनी वारदात को अंजाम देने अस्पताल पहुंची थी और बच्चे को चुराकर भाग रही थी।नोएडा पुलिस की इस सूझबूझ और तत्परता की वजह से बच्चा सही-
सलामत अपने माता-पिता के पास वापस पहुंच गया है।
