नोएडा में ट्रैफिक जाम के कारण अब गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचने में होने वाली देरी कम करने की पहल की गई है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर शुरू किए गए ‘ऑपरेशन FAST’ के तहत एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा, ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।
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नोएडा। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने गंभीर मरीजों और सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों की जान बचाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर ‘ऑपरेशन FAST’ (Operation FAST) की शुरुआत की गई है। इस अभियान के तहत आपातकालीन स्थिति में एंबुलेंस को ट्रैफिक जाम से निकालने और अस्पताल तक जल्द पहुंचाने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
योजना के अंतर्गत जरूरत के अनुसार एंबुलेंस के लिए ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जिससे रास्ते में पड़ने वाले प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक को नियंत्रित कर एंबुलेंस को बिना अनावश्यक रुकावट के आगे बढ़ाया जा सके। अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए पुलिस 24×7 एंबुलेंस ट्रैफिक सुविधा सेल भी स्थापित कर रही है।
हेल्पलाइन नंबर जारी, 24 घंटे मिलेगी सहायता
ऑपरेशन FAST के तहत एंबुलेंस की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 9218891716 जारी किया गया है। एंबुलेंस चालक, अस्पताल प्रबंधन और मरीजों के परिजन आपातकालीन स्थिति में इस नंबर पर संपर्क कर सहायता मांग सकते हैं।
इस व्यवस्था का उद्देश्य एंबुलेंस के रास्ते में आने वाली ट्रैफिक संबंधी बाधाओं को समय रहते दूर करना और गंभीर मरीजों को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाने में मदद करना है।
मॉक ट्रायल में 12 किलोमीटर का सफर 10 मिनट में
ऑपरेशन FAST की कार्यप्रणाली और प्रभावशीलता को परखने के लिए नोएडा पुलिस की ओर से मॉक ट्रायल भी किया गया। इस दौरान दिल्ली-नोएडा को जोड़ने वाले चिल्ला बॉर्डर से मैक्स और फोर्टिस अस्पताल तक लगभग 12 किलोमीटर की दूरी करीब 10 मिनट में तय की गई।
आमतौर पर व्यस्त मार्गों पर भारी ट्रैफिक के कारण इस तरह का सफर चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में मॉक ट्रायल के जरिए यह परखने का प्रयास किया गया कि समन्वित ट्रैफिक प्रबंधन के माध्यम से एंबुलेंस को कितनी तेजी से अस्पताल तक पहुंचाया जा सकता है।
कैसे काम करेगा ‘ऑपरेशन FAST’?
ऑपरेशन FAST के तहत एंबुलेंस को रास्ता उपलब्ध कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस कई स्तरों पर काम करेगी।
- पहले से ट्रैफिक क्लियर करने की व्यवस्था: एंबुलेंस के पहुंचने से पहले उसके निर्धारित मार्ग पर पड़ने वाले प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने की तैयारी की जाएगी।
- ट्रैफिक सिग्नल का प्रबंधन: आवश्यकता के अनुसार संबंधित चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल को मैनुअल तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा, ताकि एंबुलेंस को आगे बढ़ने के लिए रास्ता मिले।
- PA सिस्टम से सूचना: सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (PA System) के माध्यम से वाहन चालकों को एंबुलेंस के आने की सूचना दी जाएगी, जिससे वे समय रहते रास्ता छोड़ सकें।
- चौराहों पर पहले से तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी: एंबुलेंस के आगे बढ़ने के साथ अगले चौराहों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी यातायात को नियंत्रित करने के लिए तैयार रहेंगे।
- वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था: यदि किसी सड़क पर अत्यधिक जाम मिलता है, तो परिस्थितियों के अनुसार वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इन व्यवस्थाओं के जरिए एंबुलेंस के सफर में लगने वाला समय कम करने और आपातकालीन परिस्थितियों में यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
‘गोल्डन ऑवर’ में इलाज दिलाना मुख्य उद्देश्य
चिकित्सा आपातकाल और सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। दुर्घटना या गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीज को जल्द चिकित्सा सहायता मिलना उसके उपचार और जीवन बचाने के लिए निर्णायक हो सकता है।
इसी को ध्यान में रखते हुए ऑपरेशन FAST का मुख्य उद्देश्य एंबुलेंस को समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद करना, ट्रैफिक जाम से होने वाली देरी कम करना और मरीजों को जल्द चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना है।
