नोएडा में पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने सख्त रुख अपनाया है। पांच दरोगा सस्पेंड, 16 पुलिसकर्मियों पर विभागीय जांच और 12 को चेतावनी दिए जाने की खबर से पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।
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नोएडा न्यूज़ | कानून-व्यवस्था और जनसुनवाई में ढिलाई बरतने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ नोएडा पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने अब तक का सबसे सख्त रुख अख्तियार किया है। कानून के राज से खिलवाड़ और जनता की शिकायतों को नजरअंदाज करने वाले पुलिस अधिकारियों पर बड़ी गाज गिरी है। एक बड़ी समीक्षा बैठक के बाद कमिश्नर ने 5 दरोगा (उपनिरीक्षकों) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है, जबकि 16 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही 12 अन्य पुलिसकर्मियों को कड़ी चेतावनी (अल्टीमेटम) जारी की गई है कि यदि उनके कार्यक्षेत्र में सुधार नहीं हुआ, तो उन पर भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी। बता दें कि इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से पूरे गौतमबुद्ध नगर पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकामी, अपराधों पर त्वरित कार्रवाई न करने और अपने क्षेत्र की खुफिया इनपुट (LIU) उच्च अधिकारियों से साझा न करने के गंभीर आरोपों में 5 दरोगाओं को निलंबित किया गया है।भ्रष्टाचार की शिकायतों, विवेचनाओं में जानबूझकर देरी करने और आरडब्ल्यूए (RWA) व स्थानीय नागरिकों के साथ समन्वय न बनाने के चलते 16 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है।विभिन्न थानों और चौकियों के 12 प्रभारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाएं, अन्यथा लाइन हाजिर या निलंबन के लिए तैयार रहें।
क्यों उठाना पड़ा यह सख्त कदम?
पुलिस कमिश्नरेट सूत्रों के अनुसार, कमिश्नर लक्ष्मी सिंह पिछले काफी समय से थानों की कार्यप्रणाली और आम जनता से मिल रहे फीडबैक की निगरानी कर रही थीं। हाल ही में हुई मैराथन समीक्षा बैठक के दौरान यह पाया गया कि कुछ पुलिस चौकियों और थानों के स्तर पर लापरवाही बरती जा रही थी, जिससे न सिर्फ कानून-व्यवस्था प्रभावित हो रही थी बल्कि पुलिस की छवि भी धूमिल हो रही थी। इसी को संज्ञान में लेते हुए उन्होंने यह ‘क्लीनअप ड्राइव’ चलाया है।
कमिश्नर का कड़ा संदेश: “लापरवाही बर्दाश्त नहीं”
कार्रवाई के बाद पुलिस कमिश्नर कार्यालय की ओर से स्पष्ट संदेश जारी किया गया है कि जनता की सुरक्षा और त्वरित न्याय ही प्राथमिकता है। ड्यूटी में किसी भी स्तर पर शिथिलता, भ्रष्टाचार या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस कड़े कदम से यह साफ हो गया है कि नोएडा में अपराधियों के साथ-साथ लापरवाह पुलिसकर्मियों की भी अब खैर नहीं है।