October 11, 2026

धामी ने 14 महिलाओं को दिए राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार

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35 महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार दिये गये


देहरादून :- मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को आई.आर.डी.टी सभागार सर्वे चौक में आयोजित कार्यक्रम में राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार एवं आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार 2022-23 प्रदान किये। इस वर्ष 14 महिलाओं को राज्य स्त्री शक्ति तीलू रौतेली पुरस्कार एवं 35 महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरस्कार प्रदान किया गया। सभी पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को 51-51 हजार रूपये की धनराशि उनके खाते में डिजिटल हस्तांतरित की गई।
मुख्यमंत्री धामी ने पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाली मातृशक्ति को सम्मानित कर वे स्वयं गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वीरांगना तीलू रौतेली ने 15 वर्ष की उम्र में युद्ध भूमि में अपने रण कौशल द्वारा अपने विरोधियों को परास्त किया था। अपूर्व शौर्य, संकल्प और साहस की धनी वीरांगना तीलू रौतेली को उत्तराखंड की झांसी की रानी कहकर याद किया जाय तो इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। उन्होंने 15 से 22 वर्ष की आयु के मध्य सात युद्ध लड़े और अपनी वीरता और रण कौशल का परिचय दिया। राज्य सरकार ने तीलू रौतेली पुरुस्कार की धनराशि 31 हजार रुपए से बढ़ाकर 51 हजार रुपए की है, जबकि आंगनबाड़ी कार्यकत्री पुरुस्कार की धनराशि भी 21 हजार से बढ़ाकर 51 हजार रुपए की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति मजबूत करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और इस दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। माता-पिता के बाद बच्चों को संस्कार देने की शुरुआत आंगनबाड़ी केंद्रों से ही होती है। राज्य सरकार द्वारा आंगनबाड़ी बहनों का मानदेय 7500 रुपए से बढ़ाकर 9300 रुपए किया है। मिनी आंगनबाड़ी बहनों के मानदेय को भी 4500 से बढ़ाकर 6250 और सहायिकाओं का मानदेय 3550 से 5250 रुपए किया है।

उत्तराखंड के विकास के लिए मातृशक्ति की बड़ी भूमिका : पुष्कर धामी

  मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के विकास के लिए हर क्षेत्र में मातृ शक्ति की बड़ी भूमिका रही है। उत्तराखण्ड को अलग राज्य बनाने की मांग हेतु हुए आंदोलन में सबसे बड़ा बलिदान हमारी मातृशक्ति ने ही दिया था। आज महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कम नहीं हैं, चाहे घर हो या युद्ध का मैदान, राजनीति हो या सिनेमा, वैज्ञानिक क्षेत्र हो या कृषि, शिक्षा और अनुसंधान का क्षेत्र महिलाओं ने हर जगह अपने आपको साबित किया है। 

  इस अवसर पर विधायक खजान दास, सचिव महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास हरि चन्द्र सेमवाल एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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