मेरठ नीला ड्रम हत्याकांड: जज ने मुस्कान और साहिल से पूछा—‘क्या तुम्हें कुछ कहना है?’ कोर्ट में सजा पर सबकी नजरें

मेरठ के चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला की सजा पर सबकी नजरें टिकी हैं। सजा सुनाने से पहले जज ने दोनों से पूछा—‘क्या तुम्हें कुछ कहना है?’ अब अदालत के अंतिम फैसले का इंतजार है।
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मेरठ न्यूज़ । उत्तर प्रदेश के मेरठ के बहुचर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में आज अदालत की कार्यवाही पर सबकी नजरें टिकी हैं। नीला ड्रम हत्याकांड के नाम से चर्चित इस मामले में दोषी करार दी गई मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जिला अदालत के सामने पेश किया गया। सजा सुनाए जाने से पहले न्यायाधीश ने दोनों से उनका पक्ष पूछा। इस सवाल के बाद अब अदालत के अंतिम आदेश का इंतजार किया जा रहा है।
जज के सवाल पर क्या बोले मुस्कान और साहिल?
14 अक्टूबर को मेरठ जिला अदालत में सजा के बिंदु पर कार्यवाही के दौरान मुस्कान और साहिल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक, न्यायाधीश ने दोनों दोषियों से सजा सुनाए जाने से पहले उनका पक्ष जानना चाहा।
यह प्रक्रिया आपराधिक न्याय व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसमें दोषसिद्धि के बाद सजा तय करने से पहले दोषी को अपनी बात रखने का अवसर दिया जाता है। इस मामले में दोनों की ओर से क्या कहा गया और अदालत ने आगे क्या आदेश दिया, इसकी पुष्टि अंतिम आदेश से ही होगी।
30 सितंबर को अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया था
मेरठ के इस चर्चित मामले में जिला अदालत ने 30 सितंबर 2026 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोषी करार दिया था। इसके बाद अदालत ने सजा की अवधि और प्रकृति पर फैसला सुनाने के लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की थी।
इस मामले में अभियोजन पक्ष ने दोनों दोषियों के खिलाफ परिस्थितिजन्य साक्ष्य और गवाहों के बयानों के आधार पर अपना पक्ष रखा। मुकदमे की सुनवाई के दौरान 22 अभियोजन गवाहों के बयान दर्ज किए गए और लंबी न्यायिक प्रक्रिया के बाद दोषसिद्धि का फैसला आया।
क्या है पूरा नीला ड्रम हत्याकांड?
यह मामला मार्च 2025 में सामने आया था, जब मर्चेंट नेवी से जुड़े रहे सौरभ राजपूत की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। पुलिस जांच और अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के अनुसार, सौरभ की हत्या के बाद उनके शव को कई हिस्सों में काटकर नीले प्लास्टिक के ड्रम में छिपाया गया था। ड्रम में सीमेंट भरकर शव को छिपाने की कोशिश की गई थी।
इस मामले में सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार किया गया था। जांच और सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को दोषी ठहराया।
पीड़ित परिवार ने की कड़ी सजा की मांग
सौरभ राजपूत के परिवार ने इस मामले में दोषियों के लिए मृत्युदंड की मांग की है। परिवार का कहना है कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए दोषियों को कठोरतम सजा मिलनी चाहिए। वहीं, सजा का अंतिम निर्धारण अदालत को अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलों तथा मामले के कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद करना है।
अब आगे क्या होगा?
अब इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि अदालत मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को क्या सजा सुनाती है। अभियोजन पक्ष की मांग और परिवार की अपेक्षाओं के बीच अदालत का अंतिम आदेश इस मामले की अगली महत्वपूर्ण कड़ी होगा।

