आखिर क्यों बंद हुईं थीं पीएसी की 54 कम्पनियां
योगी ने पिछली सरकारों पर साजिश का आरोप

लखनऊ:- उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को पिछ्ली सरकारों पर प्रदेश में पीएसी को खत्म करने की साजिश के तहत ही 54 कंपनियां बंद कर देने का आरोप लगाया। दरअसल मुख्यमंत्री मंगलवार को पीएसी रिक्रूट आरक्षियों के दीक्षांत समारोह में पासिंग आउट परेड की सलामी लेने लखनऊ पुलिस लाइन पहुंचे थे। इस मौके पर अपने सम्बोधन में सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी को 15,487 नए पीएसी जवान मिल गए हैं।
ये सभी के लिए गौरव का पल है। आप सभी के कंधों पर प्रदेश की कानून व्यवस्था को दुरुस्त् रखने के साथ ही अमन-चैन को कायम करने की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि आप सभी को शायद मालूम नहीं है कि प्रदेश के इस सबसे बड़े अनुशासित बल को लेकर एक शरारत हो रही थी। 2017 से पहले यूपी में पीएसी को खत्म करने की साजिश हो रही थी। उन्होंने कहा कि इसी साजिश के तहत 54 कंपनियों को खत्म कर दिया गया था। सीएम ने कहा कि आज जब मैं परेड देख रहा था तो मुझे एहसास हुआ कि यूपी की सुरक्षा में सेंध लगाने की कितनी बड़ी साजिश थी। हम उस साजिश को नाकाम करने में सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने न सिर्फ पीएसी को बचाया बल्कि इसकी महिला बटालियन का गठन करने में भी सफलता प्राप्त की। सीएम ने कहा कि पिछले पांच साल के दौरान यूपी के एक लाख 62 हजार से अधिक नौजवानों को बिना किसी भेदभाव के भर्ती प्रक्रिया से पुलिस और पीएसी में नौकरी दी गई। उन्होंने कहा कि जवानों को भर्ती और पदोन्नति प्राप्त हो सके इस दिशा में सरकार ने बेहतर काम किया है।




