सरस आजीविका मेला में NIRDPR द्वारा महिलाओं को सिखाए गए ग्राहकों से संवाद के गुर

सरस मेले में महिला समूहों को सिखाए ग्राहकों से संवाद करने और उनकी मानसिकता को परखने के गुर

राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान नें आयोजित की कार्यशाला

नोएडा- सेक्टर 33ए स्थित नोएडा हाट मैं चल रहे सरस मेले के सभी स्वयं सहायता समूहों को संवाद करने तथा ग्राहकों की मानसिकता को परखने के गुर सिखाए गए। इसके लिए राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान ने एक कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में डॉ हजारी प्रसाद द्विवेदी मेमोरियल ट्रस्ट की अध्यक्ष डॉ अपर्णा द्विवेदी ने स्वयं सहायता समूहों को संबोधित किया।

डॉ अपर्णा द्विवेदी ने अपने संवाद में समूह की महिलाओं को बताया


उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों से नोएडा में आई सभी बहनों को अपने उत्पादों की बिक्री के प्रति गंभीर होना चाहिए। इसके लिए ग्राहकों से बात करने का तरीका तथा ग्राहकों की मानसिकता को परखने का तजुर्बा अत्यंत आवश्यक है। इन्हीं दोनों बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए ग्राहक बनाने की कला को समझना चाहिए। स्वयं सहायता समूहों को प्रमोट करने में सरकार पूरा सहयोग करती है। साथ ही ग्राहक आपका संदेश लेकर जाता है और अन्य लोगों को आप के उत्पादों के विषय में बताता है। स्वंय को सफल बनाने के पांच मूल मंत्रों पर काम करें। इनमें ग्राहक का भरोसा जीतना सुनने की कला,गैर मौखिक संचार कौशल, आत्मविश्वास तथा टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल विशेष तौर पर शामिल है। इस अवसर पर एनआईआरडीपीआर के सहायक निदेशक चिरंजी लाल कटारिया ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की सभी बहनों को मजबूत कैसे किया जाए इस पर केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय तथा राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान निरंतर चिंता कर रहा है। मेले में लोग गांव की मिट्टी से रूबरू होने आते हैं।

विशेष तौर पर मौजूद रहे

कार्यशाला का संचालन एनआईआरडीपीआर के असिस्टेंट प्रोफेसर रुचिरा भट्टाचार्य ने किया। यहां मुख्य रूप से शोध अधिकारी सुधीर कुमार सिंह, धर्मेंद्र सिंह, विनोद कुमार, रामगोपाल तथा सुरेश प्रसाद आदि मौजूद रहे।

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