- ‘The Pizza Delight Hub’ पर गंभीर सवाल
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नोएडा न्यूज़ | दिनभर की भागदौड़ के बाद जब कोई व्यक्ति मोबाइल उठाकर ऑनलाइन फूड डिलीवरी ऐप से अपना पसंदीदा खाना ऑर्डर करता है, तो उसकी उम्मीद होती है कि उसे ताजा, स्वादिष्ट और सुरक्षित भोजन मिलेगा। लेकिन सोचिए, अगर पैकेट खोलते ही सामने ऐसा खाना मिले जिसे देखकर भूख ही खत्म हो जाए, तो कैसा लगेगा?
ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जिसने ऑनलाइन फूड डिलीवरी की गुणवत्ता और निगरानी पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Toing ऐप से ऑर्डर, लेकिन खाने की हालत देखकर उड़ गए होश
पीड़ित ग्राहक के अनुसार, उसने Toing फूड डिलीवरी ऐप के माध्यम से The Pizza Delight Hub से दो बर्गर और एक पिज्जा ऑर्डर किया था।
ऑर्डर मिलने के बाद जब पैकेट खोला गया तो ग्राहक के मुताबिक खाने की गुणवत्ता बेहद खराब थी। उसका कहना है कि भोजन की स्थिति ऐसी थी कि “इंसान तो क्या, जानवर भी उसे खाने से इनकार कर दे।”
ग्राहक ने इस पूरे मामले के ऑर्डर का स्क्रीनशॉट और वीडियो भी साझा किए हैं, जिनमें खाने की खराब गुणवत्ता दिखाई दे रही है।
ऑर्डर की जानकारी के अनुसार संबंधित रेस्टोरेंट का पता:
The Pizza Delight Hub
सेक्टर-64, J-31, बिशनपुरा, सेक्टर-58, नोएडा
अब सवाल यह उठता है कि क्या इस रेस्टोरेंट में खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है? और क्या ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म अपने पार्टनर रेस्टोरेंट्स की गुणवत्ता की नियमित जांच करते हैं?
क्या आपके साथ भी ऐसा हुआ है?
अगर आपने भी कभी ऑनलाइन खाना मंगाया है, तो शायद आप इस स्थिति को महसूस कर सकते हैं।
अक्सर लोग काम की व्यस्तता या परिवार के साथ समय बिताने के लिए ऑनलाइन खाना मंगाते हैं। लेकिन जब खाने की गुणवत्ता उम्मीद के विपरीत मिलती है, तो सिर्फ पैसे ही बर्बाद नहीं होते, बल्कि परिवार की सेहत भी खतरे में पड़ सकती है।
ऐसे मामलों में कई ग्राहक शिकायत तो करते हैं, लेकिन अधिकांश लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि यदि कहीं लापरवाही हो रही है तो वह लंबे समय तक जारी रह सकती है।
फूड सेफ्टी विभाग से बड़ा सवाल।
यह मामला फूड सेफ्टी एवं औषधि प्रशासन (Food Safety Department) के लिए भी गंभीर चिंता का विषय होना चाहिए।
यदि ग्राहक द्वारा साझा किए गए वीडियो, फोटो और स्क्रीनशॉट जांच में सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों को The Pizza Delight Hub का तत्काल निरीक्षण करना चाहिए। रसोई की स्वच्छता, खाद्य सामग्री की गुणवत्ता, स्टोरेज व्यवस्था, लाइसेंस और खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की जानी चाहिए।
साथ ही, यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि भविष्य में किसी अन्य उपभोक्ता की सेहत से खिलवाड़ न हो।
Toing ऐप की जिम्मेदारी भी तय होनी चाहिए।
यह मामला केवल रेस्टोरेंट तक सीमित नहीं है। जिस Toing ऐप के माध्यम से यह ऑर्डर किया गया, उसकी भी जिम्मेदारी बनती है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर जुड़े रेस्टोरेंट्स की गुणवत्ता और स्वच्छता की नियमित समीक्षा करे।
उपभोक्ता ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भरोसा करके ऑर्डर करते हैं। ऐसे में यदि किसी रेस्टोरेंट की गुणवत्ता पर लगातार शिकायतें मिलती हैं, तो प्लेटफॉर्म को भी उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
