October 10, 2026

ईडब्ल्यूएस छात्रों का प्रवेश न लेने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ एफआईआर की मांग

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 एससी/एसटी कल्याण समिति के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने ऐसे निजी स्कूलों को जारी किया था कारण बताओ नोटिस

नई दिल्ली:- अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति ने शिक्षा विभाग से ईडब्ल्यूएस छात्रों का प्रवेश लेने से इन्कार करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कराने  की मांग की है। एससी/एसटी कल्याण समिति के अध्यक्ष विशेष रवि का कहना है कि समिति के निर्देश पर शिक्षा विभाग ने ईडब्ल्यूएस छात्रों का प्रवेश लेने से इन्कार करने वाले निजी स्कूलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। नोटिस जारी होने के बाद भी कुछ निजी स्कूलों ने ईडब्ल्यूएस छात्रों का प्रवेश नहीं लिया है और स्टेशनरी नहीं दी है। लिहाजा, समिति ने ऐसे निजी स्कूलों के खिलाफ शिकायत मिलने पर शिक्षा विभाग से एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। समिति के अध्यक्ष विशेष रवि कहा कि हमने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि दिल्ली सरकार की तरफ से निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले निजी स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। 

इन स्कूलों को दिया था नोटिस:
दरअसल, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कल्याण समिति के अध्यक्ष विशेष रवि के निर्देश पर जीडी सलवान, सलवान, एसडी पब्लिक, रामजस पब्लिक, जेडी टाइटलर और अन्य निजी स्कूलों को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया था। यह वे जिन स्कूल हैंख् जिन्होंने ईडब्ल्यूएस कोटे के तहत छात्रों का प्रवेश लेने से इन्कार कर दिया था। साथ ही ये स्कूल ईडब्ल्यूएस के तहत आने वाले छात्रों को नियमानुसार मुफ्त स्टेशनरी, किताबें और वर्दी प्रदान नहीं कर रहे थे। अब यह पाया गया है कि नोटिस जारी होने के बाद भी कई निजी स्कूलों ने ईडब्ल्यूएस छात्रों को प्रवेश नहीं दिया और कोई मुफ्त स्टेशनरी भी प्रदान नहीं की। समिति के अध्यक्ष विशेष रवि ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि ईडब्ल्यूएस प्रवेश से इन्कार करने वाले और नियम के अनुसार ईडब्ल्यूएस बच्चों को मुफ्त किताबें और स्टेशनरी प्रदान नहीं करने वाले सभी निजी स्कूलों के खिलाफ डीएसईएआर अधिनियम 1973 के अनुसार दिए गए कारण बताओ नोटिस के आधार पर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने यह सुझाव दिया कि ईडब्ल्यूएस-डीजी श्रेणी के छात्रों को परेशान करने वाले निजी विद्यालयों के प्रमुखों के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत दुर्व्यवहार करने की एफआईआर दर्ज की जाए। समिति के अध्यक्ष विशेष रवि ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने निर्देश दिया है कि सभी ईडब्ल्यूएस छात्रों को निजी स्कूलों में नियमानुसार प्रवेश और स्टेशनरी दी जाए। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, हमने शिक्षा विभाग को निर्देश दिया है कि सरकार की तरफ से निर्धारित नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

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