October 11, 2026

ईडी के सामने नहीं पेश हुए केजरीवाल , नोटिस को बताया गैरकानूनी

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नई दिल्ली।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समन पर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल एक बार फिर पेश नहीं हुए। यह तीसरी बार है जब सीएम ईडी के समन पर पूछताछ के लिए नहीं पहुचे। आम आदमी पार्टी के अनुसार अरविंद केजरीवाल जांच में सहयोग करने को तैयार हैं। लेकिन वो इस नोटिस को गैर-कानूनी मानते हैं. आप का आरोप है कि ईडी की नीयत केजरीवाल को गिरफ्तार करने की है। ईडी का समन अरविंद केजरीवाल को चुनाव प्रचार से रोकनेा चाहते हैं। यही वजह है कि चुनाव से ठीक पहले उन्हें समन भेजा गया है।
बता दें कि दिसंबर में ही दिल्ली की आबकारी नीति से जुड़े केस में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से ईडी के दूसरे समन को ठुकराए जाने के एक दिन बाद एजेंसी ने उनको 3 जनवरी को उसके सामने पेश होने के लिए कहा था। ऐसे में अब यदि आम आदमी पार्टी प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल 3 जनवरी को तीसरी बार समन पर ईडी के समक्ष पेश नहीं हुए तो ईडी के पास उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट मांगने का विकल्प होगा।
ईडी के समन को लेकर दिल्ली सरकार के मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ईडी बार-बार पूछने पर भी नहीं बता रही कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल को क्यों बुलाया है किस हैसियत से बुला रही है। ऐसे में के समन भेजे जाने की टाइमिंग पर भी सवाल खड़े गए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार लोकसभा चुनाव की तैयारी से पहले अरविंद केजरीवाल को गिरफ्तार करने की साजिश कर रही है। ऐसा इसलिए ताकि मुख्यमंत्री लोकसभा चुनाव प्रचार में ना जा सकें। उन्होंने कहा कि चार्जशीट के बाद किस स्टेज पर अरविंद केजरीवाल को क्यों बुलाया जा रहा है? इन सवालों के जवाब केंद्र सरकार और प्रवर्तन निदेशालय को देने चाहिए। जांच एजेंसी ने मनीष सिसोदिया को 1 साल से गिरफ्तार किया हुआ है उनके खिलाफ एक भी सबूत पेश नहीं कर पाए हैं।
वहीं इस मामले में बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि सीएम अरविंद केजरीवाल लगातार तीसरी बार ईडी की समन पर पेश नहीं हो रहे हैं। भगौड़े की तरह बर्ताव कर रहे हैं केजरीवाल। क्योंकि उन्हें पता है कि उन्होंने अपराध तो किया है लेकिन अब विक्टिम कार्ड खेलने से कुछ नहीं होगा। विक्टिम कार्ड और हम कट्टर ईमानदार हैं, जैसी बात आपने तब भी कही थी जब मनीष सिसोदिया गिरफ्तार हुए थे। सुप्रीम कोर्ट तक ने उन्हें राहत नहीं दी। संजय सिंह के लिए भी आपने यही कहा। उन्हें भी हाईकोर्ट तक से राहत नहीं मिली।

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