BRICS Summit 2026: दुनिया की नजर भारत पर, दिल्ली ही नहीं नोएडा-NCR की भी बड़ी जिम्मेदारी, News Diary Today की देश के नाम अपील।

नई दिल्ली: 12-13 सितंबर को भारत मंडपम में होने वाला BRICS Summit 2026 सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन नहीं, बल्कि दुनिया के सामने भारत की ताकत और प्रतिष्ठा दिखाने का बड़ा अवसर है। ऐसे में दिल्ली के साथ नोएडा-NCR के नागरिकों की भी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। News Diary Today की अपील है—इन महत्वपूर्ण दिनों में देश को पहले रखें, व्यवस्था में सहयोग करें और यदि कोई विरोध या आंदोलन कुछ दिनों के लिए टाला जा सकता है तो उसे 15 सितंबर के बाद करने पर विचार करें।

News Diary Today | 📍New Delhi News


New Delhi/NCR: 12 और 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में होने वाला 18वां BRICS शिखर सम्मेलन भारत के लिए सिर्फ एक अंतरराष्ट्रीय बैठक नहीं, बल्कि दुनिया के सामने अपनी क्षमता, कूटनीतिक प्रभाव और मेजबानी कौशल दिखाने का बड़ा अवसर है। भारत इस वर्ष BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और विदेश मंत्रालय के अनुसार सम्मेलन की मेजबानी नई दिल्ली में की जाएगी।

ऐसे समय में जब दुनिया के कई बड़े देशों के नेता और प्रतिनिधिमंडल भारत की राजधानी में मौजूद होंगे, दिल्ली की हर तस्वीर, हर गतिविधि और हर बड़ी घटना अंतरराष्ट्रीय मीडिया की नजर में होगी। यही वजह है कि इस महत्वपूर्ण आयोजन के दौरान जिम्मेदारी सिर्फ दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, पुलिस या प्रशासन की नहीं है। दिल्ली के साथ-साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और पूरे NCR के नागरिकों की भी जिम्मेदारी है।

यह भारत की प्रतिष्ठा का अवसर है

BRICS आज वैश्विक आर्थिक और कूटनीतिक सहयोग का महत्वपूर्ण मंच बन चुका है। भारत के लिए इसकी अध्यक्षता और नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन की मेजबानी दुनिया को यह संदेश देने का अवसर है कि भारत एक सक्षम, सुरक्षित, आधुनिक और जिम्मेदार वैश्विक शक्ति है।

इस सम्मेलन में आने वाले विदेशी प्रतिनिधि केवल सम्मेलन स्थल तक सीमित नहीं रहेंगे। उनके आवागमन, सुरक्षा व्यवस्था और दिल्ली-NCR की समग्र स्थिति पर भी दुनिया की नजर रहेगी।

इसलिए आने वाले कुछ दिन भारत के लिए सामान्य दिनों से अलग हैं।

यह वह समय है जब भारत को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को प्राथमिकता देने की जरूरत है।

दिल्ली के साथ नोएडा और NCR की भी जिम्मेदारी क्यों?

दिल्ली और नोएडा भले ही अलग प्रशासनिक क्षेत्रों में आते हों, लेकिन व्यवहारिक रूप से दोनों एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हुए हैं। रोजाना लाखों लोग दिल्ली और नोएडा के बीच आवागमन करते हैं।

नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम समेत पूरा NCR दिल्ली से जुड़ी गतिविधियों का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में BRICS जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन का असर सिर्फ नई दिल्ली की कुछ सड़कों तक सीमित नहीं रहेगा।

NCR का अनुशासन, यातायात व्यवस्था, सार्वजनिक व्यवहार और कानून-व्यवस्था भी भारत की समग्र तस्वीर का हिस्सा बन सकते हैं।

इसलिए नोएडा और ग्रेटर नोएडा के नागरिकों को भी इस अवसर को उतनी ही गंभीरता से लेना चाहिए।

क्या कुछ दिनों के लिए विरोध-प्रदर्शन टाला नहीं जा सकता?

लोकतंत्र में विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार महत्वपूर्ण है। किसी भी नागरिक या संगठन की वैध और शांतिपूर्ण आवाज को दबाने की बात नहीं होनी चाहिए।

लेकिन सवाल यह है कि क्या 12-13 सितंबर के इस महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय आयोजन के दौरान ही हर विरोध प्रदर्शन करना जरूरी है?

हम सभी से एक सवाल और एक अपील है—

अगर कोई आंदोलन या विरोध कुछ दिनों के लिए टाला जा सकता है, तो क्या उसे 15 सितंबर के बाद करना ज्यादा उचित नहीं होगा?

BRICS सम्मेलन समाप्त होने के बाद भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने, सरकार से सवाल पूछने और आंदोलन करने के अवसर मौजूद रहेंगे।

लेकिन 12 और 13 सितंबर को जब भारत की राजधानी में दुनिया के बड़े देशों के नेता मौजूद होंगे, तब किसी बड़े प्रदर्शन, अव्यवस्था, सड़क जाम या ऐसी घटना से बचना क्या देशहित में नहीं होगा, जिसे अंतरराष्ट्रीय मीडिया भारत की नकारात्मक तस्वीर के रूप में पेश कर दे?

यह किसी के अधिकार छीनने की अपील नहीं है। यह सिर्फ कुछ दिनों के लिए देश को प्राथमिकता देने की अपील है।

राजनीतिक मतभेद रहें, लेकिन भारत पहले

भारत में राजनीतिक विचारधाराएं अलग-अलग हो सकती हैं। सरकार की नीतियों से किसी को असहमति हो सकती है। किसी मुद्दे पर आंदोलन की जरूरत भी हो सकती है।

लेकिन राष्ट्र की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का सवाल आने पर क्या हम कुछ दिनों के लिए अपने मतभेदों को पीछे नहीं रख सकते?

विरोध बाद में भी हो सकता है, लेकिन भारत की वैश्विक छवि को नुकसान पहुंचाने वाली तस्वीर अगर पूरी दुनिया में चली गई तो उसे वापस लेना आसान नहीं होगा।

इसलिए News Diary Today की अपील है कि राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन, कर्मचारी संगठन, किसान संगठन, व्यापारिक संगठन और अन्य समूह अपने कार्यक्रमों की तारीख और स्थान पर एक बार फिर विचार करें।

यदि कोई कार्यक्रम टालना संभव है तो 15 सितंबर के बाद करने पर विचार किया जाए और यदि किसी कार्यक्रम का आयोजन जरूरी हो तो वह पूरी तरह कानून, प्रशासनिक अनुमति और निर्धारित नियमों के तहत शांतिपूर्ण तरीके से किया जाए।

नोएडा से दिल्ली जाने वालों की भी बड़ी जिम्मेदारी

BRICS सम्मेलन के दौरान दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था सामान्य दिनों की तुलना में अधिक संवेदनशील रह सकती है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा से दिल्ली जाने वाले लोगों को भी अपनी यात्रा पहले से प्लान करनी चाहिए। जहां संभव हो, मेट्रो और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना, वैकल्पिक मार्गों की जानकारी रखना और पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी का पालन करना बेहतर होगा।

जरूरी नहीं कि देशभक्ति केवल बड़े-बड़े नारों से दिखाई दे।

समय पर घर से निकलना, ट्रैफिक नियमों का पालन करना, सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग करना और अफवाह न फैलाना भी देश के प्रति जिम्मेदारी है।

सोशल मीडिया यूजर्स भी रखें विशेष सावधानी

आज किसी घटना को दुनिया तक पहुंचने में कुछ ही सेकंड लगते हैं।

BRICS सम्मेलन के दौरान सोशल मीडिया पर कोई अफवाह, पुराना वीडियो या भ्रामक दावा तेजी से फैल सकता है। इसलिए नागरिकों को किसी भी वीडियो या सूचना को बिना सत्यापन के साझा करने से बचना चाहिए।

अगर किसी जगह ट्रैफिक डायवर्जन, सुरक्षा व्यवस्था या किसी घटना की जानकारी मिले तो उसे आधिकारिक स्रोत से सत्यापित करना जरूरी है।

एक गलत पोस्ट भी भारत की छवि पर सवाल खड़े कर सकती है।

विदेशी मेहमानों के सामने दिखेगा नया भारत

भारत पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है। ऐसे में BRICS Summit 2026 भारत के लिए अपनी आर्थिक ताकत के साथ-साथ मेजबानी, सुरक्षा, तकनीक, बुनियादी ढांचे और नागरिक अनुशासन को प्रदर्शित करने का अवसर है।

दुनिया के सामने भारत की तस्वीर सिर्फ भारत मंडपम के भव्य आयोजन से नहीं बनेगी।

वह तस्वीर दिल्ली की सड़कों पर भी बनेगी।

वह तस्वीर नोएडा की सड़कों पर भी बनेगी।

वह तस्वीर NCR के नागरिकों के व्यवहार से भी बनेगी।

और सबसे महत्वपूर्ण—वह तस्वीर हमारे सामूहिक व्यवहार से बनेगी।

News Diary Today की देश के नाम अपील

News Diary Today देश के सभी नागरिकों, राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न समूहों से अपील करता है कि 12-13 सितंबर के BRICS Summit को सिर्फ सरकार का कार्यक्रम न समझें। यह भारत की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा का अवसर है।

हम किसी के लोकतांत्रिक अधिकार के खिलाफ नहीं हैं और न ही शांतिपूर्ण एवं वैध विरोध की लोकतांत्रिक भावना पर सवाल उठाते हैं।

लेकिन हमारी विनम्र अपील है कि—

अगर किसी आंदोलन या प्रदर्शन को कुछ दिनों के लिए टाला जा सकता है, तो 15 सितंबर के बाद करने पर विचार करें।

इन कुछ दिनों में देश पहले आए।

राजनीति बाद में भी हो सकती है।
विरोध बाद में भी हो सकता है।
मांगें बाद में भी उठाई जा सकती हैं।

लेकिन दुनिया के सामने भारत की प्रतिष्ठा को मजबूत करने का ऐसा अवसर बार-बार नहीं आता।

दिल्ली से नोएडा तक एक संदेश—

भारत की राजधानी दुनिया को अपनी ताकत दिखा रही है, आइए NCR भी भारत की जिम्मेदारी और अनुशासन की तस्वीर पेश करे।

दुनिया भारत को देख रही है—आइए, हम सब मिलकर ऐसा भारत दिखाएं जिस पर हर भारतीय को गर्व हो।

जय हिंद।

भारत पहले।

Author

  • Harvir Chauhan

    Harvir Chauhan
    Editor-in-Chief & Founder, News Diary Today

    हरवीर चौहान एक वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और मीडिया उद्यमी हैं, जिन्हें समाचार एवं डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 10+ वर्षों का अनुभव है। वे Doordarshan Uttar Pradesh और India News जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे NewsDiaryToday.com और ‘न्यूज़ डायरी टुडे’ साप्ताहिक समाचार पत्र के संस्थापक एवं Editor-in-Chief हैं। वे तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    Follow Harvir Chauhan on Social Media
    X (Twitter) : @chauhan_harvir
    Facebook page link
    https://www.facebook.com/share/1Dw1j5y1ja/
    Email: [email protected]