नोएडा प्राधिकरण का गजब इंजीनियरिंग मॉडल! बारिश में जब लोग घर से निकलने से बच रहे, तब सड़क बनाने की क्या है मजबूरी?

नोएडा में बारिश के बीच सड़क निर्माण ने खड़े किए बड़े सवाल! गांव सर्फाबाद में जलभराव के बावजूद तारकोल और गिट्टी बिछाने का काम चर्चा में है। स्थानीय लोग निर्माण की गुणवत्ता और जनता के पैसों के इस्तेमाल पर सवाल उठा रहे हैं।

नोएडा न्यूज़ | क्या आपने कभी ऐसा सुना है कि जिस मौसम में बनी-बनाई सड़कें पानी में बह जाती हैं, उसी मूसलाधार बारिश में नई सड़क चमकाई जा रही हो? जी हां, सोशल मीडिया पर इन दिनों नोएडा प्राधिकरण के वर्क सर्किल-6 का एक ऐसा ही ‘अनोखा’ और हैरान कर देने वाला कारनामा चर्चा का विषय बना हुआ है। बता दें कि मामला गांव सर्फाबाद की भारी जलभराव वाली मुख्य सड़क (मेन रोड) का है। जहां एक तरफ आम इंसान और राहगीर भारी बारिश के कारण सड़कों पर निकलने से कतरा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्राधिकरण के इंजीनियरों और ठेकेदारों के लिए शायद सड़क बनाने का यही ‘सबसे सही और मुफीद’ मौसम नजर आ रहा है। तेज बारिश और सड़क पर जमा पानी के बीच ही धड़ल्ले से सड़क निर्माण (तारकोल और गिट्टी बिछाने) का काम कराया जा रहा है।स्थानीय निवासियों का कहना है कि पानी के ऊपर बनाई जा रही यह सड़क पहली ही तेज बारिश में बह जाएगी। ऐसे में इस ‘गजब इंजीनियरिंग मॉडल’ पर अब लोग चुटकी भी ले रहे हैं और नोएडा प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों से इस लापरवाही पर तुरंत संज्ञान लेने व जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

जनता पूछ रही ये तीखे सवाल!

1-आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि पानी से लबालब भरी सड़क पर ही दोबारा सड़क बिछाया जा रहा है, जबकि हर कोई जानता है कि पानी लगते ही यह सड़क कुछ ही दिनों में फिर से उखड़ जाएगी?

2-क्या यह जनता के टैक्स के पैसे की सीधे तौर पर बर्बादी नहीं है?

3-मानसून के इस सीजन में ठेकेदार और वर्क सर्किल-6 के अधिकारियों को यह काम पूरा करने की इतनी जल्दी क्यों है? क्या इसके पीछे बजट ठिकाने लगाने का कोई खेल है या फिर कोई और प्रशासनिक मजबूरी?

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