नोएडा में आबकारी नीति की ई-लॉटरी पूरी, 11 शराब दुकानों का हुआ ऑनलाइन आवंटन।

उत्तर प्रदेश आबकारी नीति 2026-27 के तहत गौतमबुद्धनगर में पांचवें चरण की ई-लॉटरी प्रक्रिया सफलतापूर्वक संपन्न हो गई। कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी सभागार में पारदर्शी तरीके से आयोजित इस ऑनलाइन लॉटरी के जरिए 11 मदिरा दुकानों का आवंटन किया गया। इस प्रक्रिया से सरकार को करीब 50 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होगी, जबकि आवेदन शुल्क से ही लगभग 2.75 करोड़ रुपये जमा हुए हैं।

गौतमबुद्धनगर में शराब दुकानों की ई-लॉटरी से सरकार को मिलेगा 50 करोड़ का राजस्व

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।

Noida News : गौतमबुद्धनगर में उत्तर प्रदेश आबकारी नीति 2026-27 के अंतर्गत पांचवें चरण की ई-लॉटरी प्रक्रिया को प्रशासन ने पूरी पारदर्शिता और निगरानी के साथ संपन्न कराया। कलेक्ट्रेट स्थित एनआईसी (NIC) सभागार में आयोजित इस प्रक्रिया की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अजीत कुमार सिंह ने की। पूरी प्रक्रिया का लाइव प्रसारण एलईडी स्क्रीन के माध्यम से किया गया ताकि सभी आवेदक और अधिकारी पारदर्शी तरीके से लॉटरी प्रक्रिया को देख सकें।

इस ई-लॉटरी के माध्यम से जिले की कुल 11 मदिरा दुकानों का ऑनलाइन आवंटन किया गया। जिला आबकारी अधिकारी सुबोध कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि इस चरण में देशी मदिरा और मॉडल शॉप दोनों श्रेणियों की दुकानों को शामिल किया गया था।

उन्होंने बताया कि देशी मदिरा की कुल 6 दुकानों के लिए लॉटरी निकाली गई, जिनमें 1 पुरानी और 5 नवसर्जित दुकानें शामिल थीं। वहीं मॉडल शॉप की कुल 5 दुकानों में 3 पुरानी और 2 नई दुकानें शामिल रहीं।

ई-लॉटरी प्रक्रिया को लेकर कारोबारियों और आवेदकों में भारी उत्साह देखने को मिला। देशी मदिरा दुकानों के लिए 243 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि मॉडल शॉप के लिए 117 लोगों ने आवेदन किया। इस प्रकार कुल 360 आवेदन आबकारी विभाग को प्राप्त हुए।

प्रशासन के अनुसार केवल आवेदन शुल्क के रूप में ही सरकार को लगभग 2.75 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है। वहीं दुकानों के आवंटन के बाद सरकार को करीब 50 करोड़ रुपये की आय होने का अनुमान है।

ई-लॉटरी प्रक्रिया के दौरान पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नामित सहायक आबकारी आयुक्त मोहन मीकिंग, पुलिस विभाग के प्रतिनिधि तथा जिले के सभी आबकारी निरीक्षक मौके पर मौजूद रहे। प्रशासन ने दावा किया कि पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और ऑनलाइन माध्यम से निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया गया।

उत्तर प्रदेश सरकार की नई आबकारी नीति के तहत ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली लागू होने के बाद शराब दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता बढ़ी है और राजस्व संग्रह में भी लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है।