नोएडा पुलिस ने ‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए स्पाइसजेट में नौकरी दिलाने के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। सेक्टर-2 से चार शातिर आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने मोबाइल, लैपटॉप, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड और म्यूल खातों से जुड़े कई अहम सबूत बरामद किए हैं।
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नोएडा न्यूज़ | नोएडा (कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर) पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक और बड़ी सफलता मिली है। पुलिस आयुक्त के निर्देशन में थाना फेस-1 पुलिस ने “ऑपरेशन साइबर वज्र” के तहत स्पाइसजेट (SpiceJet) कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है। बता दें कि थाना फेस-1 पुलिस ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से नोएडा के सेक्टर-2 में चल रहे इस फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की। पुलिस ने मौके से 4 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान सुदेश सिंह,बृजेश भदौरिया,अर्जुन तथा संदीप कुमार तिवारी के रूप में हुई है।
ठगी का तरीका?
आरोपी Quicker.com और अन्य वेबसाइटों से नौकरी की तलाश कर रहे बेरोजगार युवाओं का डाटा निकालते थे।इसके बाद स्पाइसजेट कंपनी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर कॉल करते थे और जाल में फंसे लोगों को फर्जी जॉब ऑफर लेटर भेजते थे।रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों रुपये ‘म्यूल खातों’ (दूसरों के बैंक खातों) में ट्रांसफर करवा लेते थे।ठगी करने के बाद आरोपी सिम कार्ड तोड़कर फेंक देते थे और गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर नए सिम कार्ड जारी करवाते थे।इस गिरोह ने देशभर के बेरोजगार युवाओं से नौकरी के नाम पर करोड़ों रुपये की साइबर ठगी की है। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर इनके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 20 से अधिक शिकायतें पहले से दर्ज हैं।
ऐसे खुला फर्जी कॉल सेंटर का राज?
थाना फेस-1 पुलिस ने “ऑपरेशन साइबर वज्र” के तहत 159 संदिग्ध बैंक खातों को चिन्हित किया था। इसके साथ ही 19 रेड जोन क्षेत्रों में करीब 2500 मोबाइल फोन की गहन जांच की गई, जिसके बाद पुलिस इस फर्जी कॉल सेंटर के ठिकाने तक पहुंचने में कामयाब रही और पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर से 08 मोबाइल फोन,01 लैपटॉप0,9 डेबिट कार्ड,13 सिम कार्ड,03 बैंक पासबुक म्यूल खाते,04 UPI साउंड बॉक्स बरामद किए।पुलिस ने पकड़े गए सभी चारों अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है और इस रैकेट से जुड़े अन्य नेटवर्क व बैंक खातों की आगे की जांच की जा रही है।
हाईटेक सर्विलांस से खुला राज: 159 संदिग्ध खातों और 2500 मोबाइल फोन की जांच के बाद पुलिस ने तोड़ा अपराधियों का नेटवर्क।
अपर पुलिस उपायुक्त (एडीसीपी) नोएडा मनीषा सिंह ने बताया कि पुलिस आयुक्त महोदय के निर्देशन में अपराधियों और साइबर ठगों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना फेस-1 पुलिस को ‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ के तहत एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस टीम ने स्पाइसजेट (SpiceJet) कंपनी में नौकरी दिलाने के नाम पर देशभर के युवाओं से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है।हमारी टीम ने वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के माध्यम से थाना स्तर पर प्राप्त करीब 159 संदिग्ध बैंक खातों को विभिन्न बैंकों में हॉट स्पॉट और रेड जोन के रूप में चिन्हित किया था। इसमें से 19 रेड जोन क्षेत्रों में लगभग 2500 मोबाइल फोन और एनसीआरपी (NCRP) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की गहनता से जांच की गई। इसी जांच के क्रम में पुलिस इस फर्जी कॉल सेंटर के ठिकाने तक पहुंचने में कामयाब रही और सेक्टर-2 से 4 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से Quicker.com और अन्य वेबसाइटों से नौकरी तलाश रहे बेरोजगार युवाओं का डेटा चुराते थे। इसके बाद उन्हें स्पाइसजेट में इलेक्ट्रिशियन, फिटर, सफाईकर्मी व अन्य स्टाफ के पदों पर नौकरी लगवाने का झांसा देकर कॉल करते थे। युवाओं को पूरी तरह विश्वास में लेने के लिए ये फर्जी जॉब ऑफर लेटर भेजते थे और फिर रजिस्ट्रेशन व प्रोसेसिंग फीस के नाम पर हजारों रुपये म्यूल खातों (दूसरों के बैंक खातों) में ट्रांसफर करा लेते थे।ठगी को अंजाम देने के बाद ये लोग तुरंत सिम कार्ड नष्ट कर देते थे और गरीब व अनजान लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर नए सिम कार्ड जारी करवा लेते थे। यह गिरोह अब तक 1,000 से अधिक लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। इनके खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से एनसीआरपी पोर्टल पर 20 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल, लैपटॉप, डेबिट कार्ड, सिम और यूपीआई साउंड बॉक्स बरामद किए हैं। सभी आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है और इस रैकेट के पूरे नेटवर्क व अन्य संदिग्ध खातों की आगे की जांच जारी है।”