नोएडा साइबर क्राइम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर करीब 1.30 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने गिरोह को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले मुख्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी गरीब लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर साइबर अपराधियों को बेचता था, जिनका इस्तेमाल देशभर में करोड़ों रुपये की साइबर ठगी के लिए किया जाता था।
न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।
Noida News : थाना साइबर क्राइम पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट के जरिए ₹1,29,61,962 (करीब 1.30 करोड़ रुपये) की बड़ी धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक मुख्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 21 वर्षीय आकाश पुत्र नरेश, निवासी नागलोई (थाना निहाल विहार,वेस्ट दिल्ली) के रूप में हुई है और इस मामले में पुलिस पहले ही 4 आरोपियों को जेल भेज चुकी है। बता दें कि साइबर अपराधियों ने खुद को ट्राई (TRAI) का अधिकारी बताकर पीड़ित को डराया था।अपराधियों ने कहा कि पीड़ित के नाम पर जारी सिम/मोबाइल नंबर से अश्लील वीडियो भेजे गए हैं, जिसकी जांच मुंबई क्राइम ब्रांच और सीबीआई (CBI) कर रही है और इसके बाद जांच के नाम पर पीड़ित को डिजिटल अरेस्ट किया गया और डरा-धमकाकर अलग-अलग बैंक खातों में ₹1,29,61,962 ट्रांसफर करवा लिए गए और पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम ने बीएनएस और आईटी एक्ट की सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था और गिरफ्तार आरोपी आकाश इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों और पुलिस इंटेलिजेंस के आधार पर 29 मई 2026 को पकड़ा गया और पूछताछ में सामने आया कि आकाश गरीब मजदूरों और अन्य लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाता था और इसके बाद वह साइबर अपराधियों को प्रति खाता ₹50,000 में बेच देता था।वह अब तक ऐसे करीब 12 बैंक खाते अपराधियों को मुहैया करा चुका है।
देशभर के 6 राज्यों में दर्ज हैं 13 शिकायतें!
पकड़ा गया आरोपी बेहद शातिर है. नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल के रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी के खुद के बैंक खाते पर देश के अलग-अलग राज्यों से कुल 13 शिकायतें दर्ज हैं इसमें कर्नाटक से 4, महाराष्ट्र से 3, केरल से 2, तेलंगाना से 1, हरियाणा से 1 और गुजरात से 1 शिकायत शामिल है और पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश कर रही है.