ग्रेटर नोएडा के चीती गांव के पास एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान नवजात की मौत और मां की गंभीर हालत का मामला सामने आया है। परिजनों ने डॉक्टरों पर कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए ACP थर्ड और CMO से शिकायत की है। परिवार ने कार्रवाई न होने पर मुख्यमंत्री से शिकायत करने की चेतावनी दी है।
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ग्रेटर नोएडा न्यूज़ | ग्रेटर नोएडा के दनकौर-सिकंदराबाद रोड पर चीती गांव के पास स्थित एक निजी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान डॉक्टरों की कथित लापरवाही से नवजात शिशु की मौत हो गई, जबकि जच्चा (मां) की हालत गंभीर बनी हुई है। पीड़ित परिवार ने अस्पताल संचालक और डॉक्टरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस (ACP थर्ड) और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) से लिखित शिकायत कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि ग्रेटर नोएडा के दनकौर-सिकंदराबाद रोड पर चीती गांव के नजदीक स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। डिलीवरी के लिए भर्ती कराई गई एक महिला के नवजात बच्चे की डॉक्टरों की घोर लापरवाही के चलते मौत हो गई। इस घटना के बाद से पीड़ित महिला की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है और उसे इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है।चीती गांव के रहने वाले अमन ने बताया कि 18 अगस्त की रात उनकी भाभी अन्नू को अचानक प्रसव पीड़ा (डिलीवरी पेन) शुरू हुआ था। आनन-फानन में परिवार ने उन्हें गांव के पास ही दनकौर-सिकंदराबाद रोड पर स्थित एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया। अस्पताल के डॉक्टरों ने शुरुआती जांच के बाद अन्नू की स्थिति को गंभीर बताया और परिजनों से कहा कि डिलीवरी के लिए ऑपरेशन (सिजेरियन) करना बेहद जरूरी है।परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन थियेटर में डॉक्टरों ने बेहद संवेदनहीनता और लापरवाही से काम लिया। आरोप के मुताबिक, नॉर्मल डिलीवरी के प्रयास या ऑपरेशन के दौरान बच्चे को अत्यधिक बलपूर्वक बाहर खींचा गया, जिसके कारण नवजात शिशु ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इस गलत प्रक्रिया की वजह से जच्चा अन्नू के शरीर के अंदरूनी हिस्सों में गहरा संक्रमण और चोट आई, जिससे उनकी हालत बिगड़ती चली गई।नवजात की मौत के बाद जब महिला की हालत पूरी तरह अनियंत्रित हो गई, तो आरोपी डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर दिए। इसके बाद आनन-फानन में परिजनों ने अन्नू को ग्रेटर नोएडा के एक अन्य बड़े अस्पताल में वेंटिलेटर/आईसीयू सपोर्ट पर भर्ती कराया, जहां अभी भी उनका इलाज चल रहा है और स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता के बाद ACP और CMO की चौखट पर पहुंचा परिवार!
पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्होंने घटना के तुरंत बाद स्थानीय दनकौर पुलिस थाने में शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। स्थानीय पुलिस से निराश होकर पीड़ित परिवार ने बुधवार दोपहर करीब 3 बजे एसीपी थर्ड (ACP Third) से मुलाकात कर दोबारा न्याय की गुहार लगाई। इसके साथ ही, जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को भी पत्र लिखकर अस्पताल का लाइसेंस रद्द करने और दोषी डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है।अगर हमें जिला स्तर पर न्याय नहीं मिला और दोषी डॉक्टरों को जेल नहीं भेजा गया, तो हम सीधे लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मेडिकल लापरवाही की शिकायत करेंगे।”— पीड़ित परिवार (अमन, मृत बच्चे के चाचा)