नोएडा की राजनीति में उबाल : विधायक पंकज सिंह को ही क्यों बनाया जा रहा है निशाना ?

नोएडा की राजनीति में डूब क्षेत्र की बिजली का मुद्दा गरमा गया है। विधायक पंकज सिंह के कार्यालय के घेराव के बाद सवाल उठ रहा है कि आखिर हर बार राजनीतिक निशाना उन्हीं पर क्यों साधा जाता है? क्या यह जनता की नाराजगी है या इसके पीछे कोई बड़ा राजनीतिक खेल?

News Diary Today | Noida News | Yogesh Rana

नोएडा न्यूज़ | नोएडा के हाई-प्रोफाइल विधायक पंकज सिंह इस समय स्थानीय राजनीति और जन-आंदोलनों के केंद्र में हैं। हाल ही में डूब क्षेत्र (floodplain area) के निवासियों द्वारा बिजली कटौती और पक्के मीटरों की मांग को लेकर उनके कार्यालय का घेराव किया गया है। विकास कार्यों और लगातार प्रयासों के बाद भी कुछ विशेष मुद्दों पर राजनीतिक दबाव केवल उन्हीं पर क्यों बनता है और इसके पीछे क्या वजहें हैं। बता दें कि नोएडा दिल्ली से सटा उत्तर प्रदेश का सबसे महत्वपूर्ण आर्थिक केंद्र है। विपक्ष के लिए भाजपा के इस मजबूत गढ़ में सेंध लगाने का सबसे आसान तरीका स्थानीय विधायक की घेराबंदी करना है।डूब क्षेत्र (हिंडन और यमुना के डूब क्षेत्र) में अवैध रूप से जमीनें बेचने वाले भू-माफिया अक्सर प्रशासनिक कार्रवाई से बचने के लिए सीधे विधायक पर दबाव बनाते हैं। वे आम जनता को आगे कर राजनीतिक विरोध प्रदर्शन प्रायोजित करते हैं।सत्ताधारी दल के भीतर भी कभी-कभी आंतरिक प्रतिस्पर्धा या टिकट के दावेदारों द्वारा छोटी समस्याओं को बड़ा मुद्दा बनाकर सोशल मीडिया पर हवा दी जाती है।

लगातार प्रयासों के बाद भी स्थिति क्यों नहीं बदल रही?

डूब क्षेत्र (Floodplain) में पक्के निर्माण और परमानेंट बिजली कनेक्शन देने पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और कोर्ट के कड़े दिशा-निर्देश हैं। विधायक के चाहने के बावजूद अधिकारी नियमों के खिलाफ नहीं जा सकते। नोएडा एक औद्योगिक शहर है, जहाँ विकास और बुनियादी ढांचा काफी हद तक प्राधिकरण के हाथ में होता है। नौकरशाही और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी के कारण काम जमीनी स्तर पर धीमी गति से लागू होते हैं।नोएडा में प्रवासियों और डूब क्षेत्रों में अवैध रूप से बसने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। संसाधन सीमित होने के कारण बिजली और पानी की मांग को पूरा करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

केवल विधायक पंकज सिंह पर ही दबाव क्यों?

पंकज सिंह देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे हैं और उत्तर प्रदेश भाजपा के बड़े नेता हैं। उन पर दबाव बनाकर आसानी से राज्य और राष्ट्रीय स्तर की सुर्खियां बटोरी जा सकती हैं।वह क्षेत्र में काफी सक्रिय रहते हैं और उनका जनता से सीधा संपर्क है। जब लोग किसी प्रशासनिक अधिकारी से नहीं मिल पाते, तो वे अपनी मांगों के लिए सीधे विधायक के दफ्तर का रुख करते हैं।लोकतंत्र में जनता संसद या प्राधिकरण के बजाय अपने चुने हुए प्रतिनिधि को ही अंतिम उत्तरदायी मानती है, भले ही समस्या किसी कानूनी पेंच में फंसी हो।पंकज सिंह लगातार चिल्ला एलिवेटेड रोड जैसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और सिटीजन सेंट्रिक गवर्नेंस मॉडल पर काम कर रहे हैं। हालांकि, डूब क्षेत्र जैसे संवेदनशील और अवैध बसावट वाले मुद्दों पर कोर्ट के नियमों और प्रशासनिक पेचीदगियों के कारण तात्कालिक बदलाव संभव नहीं हो पा रहा है, जिसका फायदा उठाकर विरोधी उनकी राजनीतिक छवि को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि विधायक पंकज सिंह ने सदन से लेकर सड़क तक इस मुद्दे पर अपनी मंशा साफ कर दी है कि वे जनता के साथ हैं।

Authors

  • Harvir Chauhan

    Harvir Chauhan
    Editor-in-Chief & Founder, News Diary Today

    हरवीर चौहान एक वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और मीडिया उद्यमी हैं, जिन्हें समाचार एवं डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 10+ वर्षों का अनुभव है। वे Doordarshan Uttar Pradesh और India News जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे NewsDiaryToday.com और ‘न्यूज़ डायरी टुडे’ साप्ताहिक समाचार पत्र के संस्थापक एवं Editor-in-Chief हैं। वे तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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