October 10, 2026

Kejriwal inaugurates Shaheed Bhagat Singh Armed Forces Preparatory School : केजरीवाल ने किया शहीद भगत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी स्कूल का उद्घाटन

IMG_20220828_003717

 बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ एनडीए आदि की चार साल तैयारी भी कराई जाएगी

नई दिल्ली:-मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को दिल्ली के झरोदा कलां में शहीद भगत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी स्कूल का उद्घाटन किया। यह दिल्ली का पहला सैनिक स्कूल है। इस अवसर पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब दिल्ली के गरीब से गरीब परिवार के बच्चे भी सेना में अधिकारी बनकर देश की सेवा कर सकें। यह स्कूल स्टेट ऑफ ऑर्ट फैसिलिटी से युक्त है, जो बड़े-बड़े स्कूलों में भी नहीं होती। यहां बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ एनडीए आदि की चार साल तैयारी भी कराई जाएगी। बच्चों की शिक्षा पूरी तरह फ्री है,  सीएम अरविंद केजरीवाल ने बच्चों से कहा कि स्कूल का नाम शहीद भगत सिंह पर इसलिए रखा गया है, ताकि उनसे हर बच्चे को प्रेरणा मिले। आपकी पढ़ाई में गरीब से गरीब आदमी का योगदान है। इसलिए भारत मां के लिए सबकुछ न्यौछावर करने के लिए हमेशा तैयार रहना। उन्होंने कहा कि कई लोग विदेश चले जाते हैं। अगर सभी बाहर चले जाएंगे तो देश को ठीक कौन करेगा? हमारा भारत जैसा भी है, हमारा है। हम ही इसे ठीक करेंगे। इसलिए मैंने सोचा था कि कभी विदेश नहीं जाएंगे। यहीं रहेंगे, यहीं लड़ेंगे, यहीं मरेंगे-कटेंगे और अपने देश को ठीक करेंगे।

 उद्घाटन समारोह की शुरूआत हुई। मुख्य अतिथि सीएम अरविंद केजरीवाल को स्कूल के बच्चों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद नाम पट्टिका का अनावरण किया गया। सीएम अरविंद केजरीवाल सर्विस प्रिपरेटरी विंग में गए और वहां बच्चों से बात की और फिर गर्ल्स हॉस्टल को देखा। मुख्यमंत्री द्वारा खेत्रपाल ऑडिटोरियम में दीप प्रज्वलित करने के बाद छात्रों ने गणेश वंदना नृत्य प्रस्तुत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री श्री  अरविंद केजरीवाल ने अकेडमिक ब्लॉक के सामने लॉन में पौधारोपण किया और कैडेट मेस का भी दौरा किया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ। इस दौरान सीएम अरविंद केजरीवाल ने कैडेट्स के साथ लंच भी किया। इस समारोह में बच्चों के साथ करीब 200 अभिभावकों ने भी हिस्सा लिया। समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री श्री  मनीष सिसोदिया, मंत्री और नजफगढ़ के विधायक व परिवहन मंत्री श्री  कैलाश गहलोत और शिक्षा विभाग के सचिव समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

आर्मी अफसर देंगे प्रशिक्षण:

मुख्यमंत्री केजरीवाल ने कहा कि यहां पर सारे ऑफिसर के गुण सिखाए जाएंगे, जो आर्मी में होती है। साइकोमेट्रिक टेस्ट, ग्रुप टास्क, मॉक इंटरव्यू करावाए जाएंगे और व्यक्तित्व विकास किया जाएगा। साथ ही वर्कशॉप कराई जाएंगी, जो बड़े-बड़े स्कूलों में नहीं होता है। एनडीए, नेवल अकेडमी, यूनिफार्म सर्विसेज के जितने इंट्रेंस एग्जाम है, उन सबके लिए बच्चों को तैयार किया जाएगा। मैंने क्लास रूम में टीचर से पूछा कि क्या पढ़ा रहे हैं? टीचर ने बताया कि टिग्नोमेट्री पढ़ा रहे हैं। टिग्नोमेट्री पर अधिक ध्यान दे रहे हैं, क्योंकि एनडीए की परीक्षा में 10 प्रश्न टिग्नोमेट्री के आते हैं। मुझे जानकर बहुत अच्छा लगा कि पेपर के हिसाब से पढ़ा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा बच्चे क्वालीफाई करें और एनडीए के अंदर जाएं। यहां पर फौज के रिटायर्ड अफिसर्स, विशेषज्ञ को बुलाएंगे और उनसे कोचिंग करवाएंगे। जो प्रशिक्षित प्रशिक्षक हैं, उनसे कोचिंग करवाई जाएगी। हॉस्टल सुविधाएं बहुत अच्छी हैं और दिल्ली बोर्ड ऑफ एजुकेशन से संबद्ध है। दिल्ली के स्कूलों से पास आउट दिल्ली के रहने वाले जितने बच्चे हैं, उन सभी बच्चों का यहां एडमिशन होता है। 

बच्चे बनेंगे कट्टर देशभक्त:

केजरीवाल ने कहा कि देशभक्ति पाठ्यक्रम के जरिए हम एक-एक बच्चे को कट्टर देशभक्त तो बनाएंगे। इन बच्चों में से हम बहुत सारे बच्चों को इंजीनियर बनाने की तैयारी कराते हैं, बहुत सारे बच्चों को डॉक्टर, मैनेजमेंट, पुलिस अफसर, आईएएस बनाने की तैयारी कराते हैं। पर जब हम इतना अच्छा पढ़ा रहे हैं और जब हम उनके अंदर देशभक्ति कूट-कूटकर भर रहे हैं, तो इन्हीं बच्चों में से देश की सेना की कमान संभालने वाले बच्चे भी निकलने चाहिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी के इन्हीं सपनों को हमारी टीम एजुकेशन ने साकार किया है और मात्र एक साल के अंदर इतना शानदार स्कूल बन गया और आज इसके पहले बैच की शुरुआत हो रही है। यह अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। 

इतने बच्चों ने किया आवेदन:

आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी स्कूल में 9वीं और 11वीं कक्षा में एडमिशन लेने के लिए करीब 18541 बच्चों ने आवेदन किया था। इन 18541 छात्रों में 9वीें के लिए 7265 और 11वीं के लिए 11275 छात्रों ने आवेदन किया था। इन में से 9वीें कक्षा में एडमिशन लेने के लिए आवेदन करने वोल 400 छात्रों को और 11वीं में एडमिशन लेने के लिए आवेदन करने वाले 405 छात्रों को साक्षात्कार के लिए बुलाया गया था। 9वीं और 11वीं के लिए 100-100 छात्रों को मेडिकल के लिए बुलाया गया। वर्तमान में 9वीं में 89 और 11वीं 91 छात्रों का एडमिशन लिया गया है।

Author

You may have missed