नोएडा एक्सप्रेसवे पर मौत की रफ्तार के बीच धू-धू कर जली स्लीपर बस; क्या टल गया यमुना एक्सप्रेसवे जैसा खौफनाक मंजर?

नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार शाम चलती डबल डेकर स्लीपर बस अचानक आग का गोला बन गई। बस में करीब 30 यात्री सवार थे, लेकिन चालक की सूझबूझ से सभी को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।
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नोएडा न्यूज़ | नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर मंगलवार शाम सेक्टर-148 के पास एक चलती स्लीपर बस में अचानक भीषण आग लग गई। बस में करीब 30 यात्री सवार थे, जिनमें आग लगते ही चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि समय रहते चालक की सतर्कता से सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का तत्काल संज्ञान लिया है और अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेज करने तथा घायलों के समुचित इलाज व उनके परिजनों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि आप एक्सप्रेसवे के सुहाने सफर पर हों और अचानक आपकी खिड़की के बाहर आग की लपटें उठने लगें? मंगलवार की शाम नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर सेक्टर-148 (नॉलेज पार्क क्षेत्र) के पास सफर कर रहे 30 यात्रियों के साथ कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर बीता। नोएडा से आगरा की तरफ जा रही एक तेज रफ्तार डबल डेकर स्लीपर बस अचानक ‘आग का गोला’ बन गई। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर चलती गाड़ियों में अचानक इस तरह आग लगने का सिलसिला कब थमेगा?।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बस अपनी रफ्तार में थी कि तभी अचानक उसके पिछले हिस्से से धुआं और लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। बस के अंदर बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और अपनी जान बचाने के लिए लोग दरवाजों की तरफ भागे। चालक और परिचालक ने सूझबूझ दिखाई और तुरंत बस रोककर सभी 30 सवारियों को समय रहते नीचे उतार लिया। जरा सी भी देरी होती तो क्या यह हादसा हाल ही में यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए उस दर्दनाक हादसे की याद ताजा नहीं कर देता, जहां कई लोग जिंदा जल गए थे?।
सीएम योगी एक्शन में: अधिकारियों को क्या दिए निर्देश?
हादसे की खबर फैलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।इस बीच, सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का तुरंत संज्ञान लिया। उन्होंने स्थानीय प्रशासन को निर्देश जारी किए हैं।• अधिकारियों को खुद मौके पर डटकर राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी करने को कहा गया है।यदि कोई यात्री आंशिक रूप से झुलसा या चोटिल हुआ है, तो उसे तुरंत बेहतरीन मेडिकल केयर दी जाए।प्रशासन को प्रभावित यात्रियों के परिजनों से सीधा संवाद कर उन्हें हर संभव आर्थिक और मानसिक मदद पहुंचाने का आदेश दिया गया है।
आखिर कब तक दांव पर लगेगी यात्रियों की जान?
इस हादसे ने एक बार फिर स्लीपर बसों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी या बस के एसी कंप्रेसर में खराबी थी? परिवहन विभाग ऐसे वाहनों की सघन चेकिंग क्यों नहीं करता? पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है, लेकिन इस घटना ने एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले हर मुसाफिर के जेहन में एक बड़ा डर और कई अनसुलझे सवाल जरूर छोड़ दिए हैं।



