UP में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल : विजय रावल बने ग्रेटर नोएडा में DGM सिविल, नोएडा-यमुना अथॉरिटी समेत 6 प्राधिकरणों के अफसर बदले

UP Transfer News: उत्तर प्रदेश सरकार ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना अथॉरिटी समेत छह प्रमुख औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। इस बदलाव में विजय रावल को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का नया DGM (सिविल) बनाया गया है। कई वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों के साथ अब विकास परियोजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर कार्यों और औद्योगिक योजनाओं को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

न्यूज़ डायरी टुडे, नोएडा।

लखनऊ/नोएडा : उत्तर प्रदेश शासन ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना एक्सप्रेसवे, यूपीसीडा, गीडा और बीड़ा के कई वरिष्ठ और मध्यम स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। शासन ने एक बार फिर अपने भरोसेमंद अधिकारी विजय रावल पर भरोसा जताते हुए उन्हें ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में उप महाप्रबंधक (सिविल) की अहम जिम्मेदारी सौंपी है। बता दें कि विजय रावल को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण में DGM सिविल बनाया गया है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव से ग्रेटर नोएडा की सिविल से जुड़ी विकास परियोजनाओं में तेजी आएगी। अटकी हुई स्कीमों और इंफ्रास्ट्रक्चर के कामों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है और नोएडा प्राधिकरण में भी कई अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। यूपीसीडा से आए धर्मेंद्र कुशवाहा और बृजेश कुमार कश्यप को प्रबंधक बनाया गया है। प्रभात यादव को प्रबंधक (सिविल) की जिम्मेदारी दी गई है। ग्रेटर नोएडा से नरोत्तम को भी नोएडा प्राधिकरण में प्रबंधक (सिविल) के पद पर भेजा गया है और इसके अलावा बीड़ा झांसी से सुरेंद्र सिंह को प्रबंधक, यूपीसीडा से संतोष कुमार को OSD और बुद्ध विलास को सहायक निदेशक (उद्यान) नियुक्त किया गया है और इस फेरबदल में नोएडा के वरिष्ठ प्रबंधक सत्येंद्र गिरी को यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण भेजा गया है। कुलदीप कुमार को ट्रॉनिका सिटी गाजियाबाद ट्रांसफर किया गया है वहीं सुषमा को बीड़ा झांसी, प्रेमचंद सेन और ऑकत राजपूत को कानपुर यूपीसीडा, और प्रबुद्ध गौतम को गीडा गोरखपुर भेजा गया है। ग्रेटर नोएडा के योगेंद्र पाल सिंह को बीड़ा झांसी और विवेक कुमार को यूपीसीडा में नई जिम्मेदारी दी गई है।

परियोजनाओं की रफ्तार पर असर संभव?

प्रशासनिक विशेषज्ञों के मुताबिक इतने बड़े स्तर पर हुए तबादलों का असर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी क्षेत्र की विकास परियोजनाओं पर दिखेगा। नए अधिकारियों के चार्ज लेने के बाद काम की प्राथमिकताएं और दिशा दोनों में बदलाव संभव है। जमीन अधिग्रहण, बिल्डर-बायर मुद्दे और इंफ्रा प्रोजेक्ट्स पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।शासन का यह कदम औद्योगिक क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति देने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।