ग्रेटर नोएडा में बड़ा हादसा: अवैध नाव संचालन ने ली दो जिंदगी! रस्सी बांधने के दौरान डूबे सौरभ और शिवा, NDRF-SDRF का महारेस्क्यू जारी

ग्रेटर नोएडा में नदी के बीच नाव हादसे से हड़कंप मच गया। रस्सी बांधने के दौरान करीब 20 साल के सौरभ और शिवा गहरे पानी में डूब गए। दोनों की तलाश में NDRF और SDRF का महारेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

News Diary Today | Greater Noida News

ग्रेटर नोएडा न्यूज़ | ग्रेटर नोएडा के हैवतपुर और बहलोलपुर-गढ़ी चौखंडी क्षेत्र के बीच बहने वाली नदी में आज एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाला हादसा सामने आया है। यहां कथित तौर पर अवैध रूप से संचालित की जा रही एक नाव को किनारे पर रस्सी से बांधने के प्रयास के दौरान दो युवक गहरे पानी में डूब गए। डूबे युवकों की पहचान सौरभ और शिवा, दोनों की उम्र करीब 20 वर्ष बताई जा रही है। हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

चश्मदीदों और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब हैवतपुर से बहलोलपुर-गढ़ी चौखंडी मार्ग पर नदी में एक नाव का संचालन किया जा रहा था। नाव को किनारे पर रोककर उसे रस्सी से बांधने की कोशिश की जा रही थी। इसी दौरान अचानक संतुलन बिगड़ गया और नाव पर सवार सौरभ और शिवा अनियंत्रित होकर गहरे पानी में समा गए।

नदी का बहाव तेज होने के कारण दोनों युवकों को संभलने का मौका नहीं मिला और देखते ही देखते वे पानी में लापता हो गए। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई।

बिना सुरक्षा इंतजाम के नाव संचालन पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर नदी में नियमों को ताक पर रखकर नाव संचालन किए जाने के आरोपों को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस मार्ग पर बिना पर्याप्त सुरक्षा मानकों और जरूरी अनुमति के नावों का संचालन किया जा रहा था।

बताया जा रहा है कि नाव पर लाइफ जैकेट और अन्य जरूरी जीवन रक्षक उपकरणों की पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में नाव को किनारे पर रस्सी से बांधने जैसी सामान्य प्रक्रिया भी अचानक जानलेवा हादसे में बदल गई।

हालांकि, नाव संचालन को लेकर प्रशासनिक अनुमति और अन्य नियमों के उल्लंघन की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

मौके पर पहुंचीं NDRF-SDRF की टीमें, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, फायर सर्विस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए NDRF (राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल) और SDRF (राज्य आपदा प्रतिवादन बल) की विशेषज्ञ टीमों को भी मौके पर बुलाया गया।

फिलहाल नदी के तेज बहाव के बीच अत्याधुनिक उपकरणों और गोताखोरों की मदद से सौरभ और शिवा की तलाश के लिए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

रेस्क्यू टीमों की ओर से नदी के आसपास के संभावित इलाकों में भी तलाश की जा रही है, ताकि दोनों युवकों का पता लगाया जा सके।

परिजनों में मचा कोहराम, स्थानीय लोगों में आक्रोश

हादसे की जानकारी मिलते ही सौरभ और शिवा के परिवारों में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

लोगों का सवाल है कि यदि इस मार्ग पर नावों का संचालन लंबे समय से हो रहा था, तो सुरक्षा मानकों और अनुमति की जांच क्यों नहीं की गई? स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते कथित अवैध नाव संचालन पर रोक लगाई गई होती और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम होते, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।

पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता फिलहाल दोनों युवकों की तलाश करना है। इसके साथ ही नाव संचालन से जुड़े नियमों, सुरक्षा इंतजामों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है।

फिलहाल सौरभ और शिवा की तलाश में NDRF और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। हादसे की पूरी तस्वीर रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासनिक जांच के बाद ही साफ हो सकेगी।

Author