ग्रेटर नोएडा के चर्चित रॉबिन हत्याकांड में अदालत ने तीन सगे भाइयों को उम्रकैद और चौथे आरोपी को 5 साल की जेल की सजा सुनाई है। मामले में आरोपी महिला की मां और बहन को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया।
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ग्रेटर नोएडा | ग्रेटर नोएडा की अपर जिला एवं सत्र न्यायालय (ADJ प्रथम) ने वर्ष 2022 के बहुचर्चित रॉबिन हत्याकांड में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन सगे भाइयों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश सुनील कुमार की अदालत ने शनिवार (26 सितम्बर 2026) को प्रेम प्रसंग (एकतरफा प्यार) से जुड़े इस जघन्य मामले में न्याय करते हुए दोषियों पर आर्थिक दंड भी लगाया है। बता दें कि ग्रेटर नोएडा के सूरजपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुए रॉबिन हत्याकांड में अदालत ने ठोस साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी तीन सगे भाइयों—सुबोध, रवि और सागर (निवासी: ग्राम पाली, सूरजपुर) को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही तीनों भाइयों पर 35-35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है, जिसे न भरने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।इस मामले में शामिल चौथे आरोपी मनीष (निवासी: बागपत) को सबूत मिटाने और साजिश में शामिल होने के लिए 5 साल की जेल की सजा सुनाई गई है। वहीं, आरोपियों की मां और बहन (जिससे रॉबिन का प्रेम प्रसंग था) को अदालत ने संदेह का लाभ (Benefit of Doubt) देते हुए बरी कर दिया है।
क्या था पूरा मामला?
यह पूरा मामला एकतरफा प्यार और अवैध प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ था।वर्ष 2022 में, शादीशुदा प्रेमिका ने रॉबिन को ग्रेटर नोएडा के पाली गाँव स्थित अपने घर पर बुलाया था। रॉबिन के वहां पहुँचते ही महिला के भाइयों ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।गुस्से में आकर तीनों भाइयों (सुबोध, रवि और सागर) ने मिलकर रॉबिन की गला घोंटकर निर्मम हत्या कर दी।हत्या करने के बाद आरोपियों ने पहचान छुपाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से रॉबिन के शव को पास की एक नहर में फेंक दिया था। चौथे आरोपी मनीष ने इस शव को ठिकाने लगाने में उनकी मदद की थी।घटना के बाद सूरजपुर थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मामला दर्ज किया और शव को बरामद कर आरोपियों को गिरफ्तार किया था। लगभग 4 साल तक चली कानूनी प्रक्रिया और गवाहों के बयानों के आधार पर अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने अकाट्य सबूत पेश किए, जिसके बाद दोषियों को उनके किए की सख्त सजा मिली।