नोएडा की राजनीति से एक और बड़ी खबर! क्या विधानसभा की रेस में एक और उम्मीदवार है मैदान में?

नोएडा विधानसभा की सियासत में एक और नाम की एंट्री ने टिकट की रेस को दिलचस्प बना दिया है। सेक्टर-55 RWA अध्यक्ष एवं सामाजिक कार्यकर्ता सतनारायण गोयल की संभावित दावेदारी की चर्चा तेज है। वैश्य समाज से एक और नाम सामने आने के बाद अब सवाल है—BJP किस चेहरे पर लगाएगी दांव?

Noida News: नोएडा विधानसभा सीट को लेकर भारतीय जनता पार्टी में संभावित दावेदारों की चर्चाएं अब धीरे-धीरे तेज होती नजर आ रही हैं। टिकट को लेकर अलग-अलग नामों की चर्चा के बीच अब सेक्टर-55 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता सतनारायण गोयल का नाम भी सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक गोयल ने आगामी विधानसभा चुनाव में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने की इच्छा जताई है।

सतनारायण गोयल की संभावित दावेदारी ऐसे समय सामने आई है, जब नोएडा विधानसभा सीट पर टिकट को लेकर कई नामों की राजनीतिक चर्चा चल रही है। खास बात यह है कि वैश्य समाज से भी एक से अधिक संभावित चेहरों के नाम सामने आने लगे हैं, जिससे आने वाले समय में टिकट की रेस और दिलचस्प होने के संकेत मिल रहे हैं।

हालांकि, भाजपा की ओर से अभी तक नोएडा विधानसभा सीट के लिए किसी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में फिलहाल सामने आ रहे नामों को संभावित दावेदारों के तौर पर ही देखा जा रहा है।

वैश्य समाज के लोगों ने की चुनाव लड़ने की अपील

सूत्रों के अनुसार हाल ही में वैश्य समाज के कुछ लोगों की ओर से एक पूर्व जिला अध्यक्ष के समर्थन में राजनीतिक सक्रियता दिखाई गई थी। इसके बाद समाज के सैकड़ों लोगों द्वारा सतनारायण गोयल से भी चुनाव मैदान में उतरने का आग्रह किए जाने की चर्चा है।

बताया जा रहा है कि वैश्य समाज के अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों ने भी गोयल से चुनाव लड़ने का अनुरोध किया है। सूत्रों का यह भी कहना है कि भाजपा संगठन से जुड़े कुछ पदाधिकारियों और स्थानीय सामाजिक क्षेत्र के लोगों की ओर से भी उन्हें चुनावी मैदान में उतरने के लिए प्रोत्साहित किए जाने की चर्चा है।

यही वजह है कि अब सवाल उठने लगा है कि क्या सतनारायण गोयल नोएडा विधानसभा की संभावित टिकट रेस में एक नया और महत्वपूर्ण नाम बन सकते हैं?

व्यापारियों के सुख-दुख में खड़े रहे

सतनारायण गोयल का नोएडा के सेक्टर-9 के व्यापारियों के साथ भी लंबे समय से जुड़ाव बताया जाता है। व्यापारियों की समस्याओं को प्रशासनिक स्तर पर उठाने और उनके पक्ष में आवाज बुलंद करने में उनकी सक्रिय भूमिका की बात कही जाती है।वर्ष 2012 में व्यापारियों से जुड़े एक आंदोलन के दौरान पुलिस लाठीचार्ज में उनके गंभीर रूप से घायल होने की घटना का भी उनके सामाजिक संघर्ष से जुड़े प्रसंग के रूप में उल्लेख किया जाता है। समर्थकों के अनुसार, इस घटना के बावजूद उन्होंने व्यापारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाना जारी रखा।यह प्रसंग उनके समर्थक उनकी सामाजिक सक्रियता और संघर्षशील छवि से जोड़कर देखते हैं।

करीब 40 वर्षों से नोएडा से जुड़ाव

सतनारायण गोयल पिछले करीब 40 वर्षों से नोएडा में रह रहे हैं। पिछले लगभग 15 वर्षों से वह सामाजिक, धार्मिक और जनहित से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।

शहर के विभिन्न सामाजिक संगठनों से लंबे समय से जुड़े रहने के कारण कई संस्थाओं में उन्हें संरक्षक, मार्गदर्शक अथवा सहयोगी की भूमिका में भी देखा जाता रहा है।

उनसे जुड़े लोगों का कहना है कि उनकी सामाजिक सक्रियता किसी एक संगठन या एक वर्ग तक सीमित नहीं रही है। अलग-अलग सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी के चलते विभिन्न वर्गों के बीच उनकी पहचान बनी है।

गौसेवा से लेकर सनातन संस्कृति तक सक्रिय भागीदारी

सतनारायण गोयल का जुड़ाव गौसेवा और सनातन संस्कृति से जुड़े कार्यों से भी लंबे समय से रहा है। सेक्टर-94 स्थित गौशाला में हवन एवं धार्मिक कार्यक्रमों के लिए बड़े हॉल के निर्माण में उनकी भूमिका बताई जाती है। इसके अलावा वे वर्षों से गौसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय रूप से योगदान देते रहे हैं।धार्मिक आयोजनों, सनातन संस्कृति को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों और सामाजिक सेवा गतिविधियों में उनकी निरंतर भागीदारी ने उन्हें शहर के अलग-अलग वर्गों के बीच पहचान दिलाई है।

सेक्टर-55 में आरडब्ल्यूए अध्यक्ष रहते कराए कई महत्वपूर्ण कार्य

वर्तमान में सेक्टर-55 आरडब्ल्यूए अध्यक्ष के रूप में भी सतनारायण गोयल की सक्रियता चर्चा में रही है। उनके कार्यकाल में सेक्टर की समस्याओं को नोएडा प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों के सामने लगातार उठाने तथा विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के प्रयास किए गए हैं।सेक्टर-55 को नोएडा की पहचान और गरिमा के अनुरूप बेहतर बनाने के उद्देश्य से प्रवेश द्वार सहित विभिन्न विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में उनकी भूमिका बताई जाती है।उनके समर्थकों का कहना है कि आरडब्ल्यूए की जिम्मेदारी संभालने के दौरान उन्होंने पद को केवल औपचारिक जिम्मेदारी न मानकर सेवा और समर्पण के माध्यम से लोगों की समस्याओं के समाधान का माध्यम बनाया।

शराब के ठेकों से बच्चों की शिक्षा तक उठाई आवाज

सतनारायण गोयल की सामाजिक गतिविधियों में स्थानीय जनहित के कई मुद्दे शामिल रहे हैं। मंदिरों और स्कूलों के आसपास शराब के ठेकों के विरोध से लेकर जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा तक उन्होंने अपनी आवाज उठाई है।

बताया जाता है कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम यानी RTE के तहत आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर विद्यालयों में दाखिला दिलाने के प्रयासों में भी उनकी भूमिका रही है।

समर्थकों के मुताबिक शिक्षा और बच्चों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर उनकी सक्रियता उनके सामाजिक कार्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है।

यमुना संरक्षण से धार्मिक आयोजनों तक सक्रियता

नोएडा में यमुना संरक्षण को लेकर चलाए गए ‘सेव यमुना’ अभियान, यमुना आरती और अन्य सामाजिक गतिविधियों से भी सतनारायण गोयल के जुड़ाव की बात कही जाती है।

इसके अलावा सनातन संस्कृति, धार्मिक आयोजनों और गौसेवा से जुड़े कार्यक्रमों में भी उनकी भागीदारी रही है। धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में लगातार सक्रिय रहने के कारण शहर के सामाजिक क्षेत्र में उनकी मौजूदगी बनी रही है।

संघ से जुड़े संगठनों से संपर्क की भी चर्चा

नोएडा के राजनीतिक गलियारों में सतनारायण गोयल के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और संघ से जुड़े विभिन्न सामाजिक संगठनों के साथ संपर्क को लेकर भी चर्चा है।

लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय रहने के कारण उनके विभिन्न सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं के बीच संपर्क होने की बात कही जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों की नजर में यही सामाजिक नेटवर्क उनकी संभावित राजनीतिक दावेदारी के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

हालांकि, संगठन के भीतर उनकी दावेदारी को लेकर अंतिम स्थिति क्या है, यह भाजपा नेतृत्व के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

जल्द हो सकती है सामाजिक संगठनों की बड़ी बैठक

सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में वैश्य समाज और विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों की एक संयुक्त बैठक आयोजित किए जाने की तैयारी की चर्चा है।

बताया जा रहा है कि इस बैठक में बड़ी संख्या में सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। यदि बैठक होती है और उसमें सतनारायण गोयल के समर्थन में व्यापक सहमति सामने आती है, तो उनकी राजनीतिक दावेदारी को लेकर चर्चा और तेज हो सकती है।

नोएडा की सियासत में अब क्या होगा अगला कदम?

नोएडा विधानसभा सीट पर भाजपा के संभावित टिकट को लेकर जैसे-जैसे अलग-अलग नाम सामने आ रहे हैं, वैसे-वैसे चुनावी तस्वीर भी दिलचस्प होती जा रही है।

सतनारायण गोयल की संभावित दावेदारी का सबसे महत्वपूर्ण पहलू उनका लंबा नोएडा जुड़ाव, आरडब्ल्यूए से जुड़ी स्थानीय भूमिका और सामाजिक संगठनों के बीच सक्रियता है। अब देखना यह होगा कि यह सामाजिक पहचान कितनी व्यापक राजनीतिक स्वीकार्यता में बदल पाती है।

दूसरी ओर, पार्टी के सामने चुनौती यह होगी कि टिकट चयन के दौरान संगठनात्मक अनुभव, जनाधार, सामाजिक समीकरण और चुनावी जीत की संभावनाओं के बीच किस तरह संतुलन बनाया जाए।

फिलहाल भाजपा ने नोएडा विधानसभा सीट के लिए किसी उम्मीदवार के नाम की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। लेकिन सतनारायण गोयल का नाम चर्चा में आने के बाद इतना जरूर है कि संभावित दावेदारों की सूची में एक और नाम जुड़ गया है।

अब आने वाले दिनों में होने वाली बैठकों, सामाजिक समर्थन और भाजपा संगठन के भीतर होने वाली गतिविधियों पर सबकी नजर रहेगी।

Author

  • Harvir Chauhan

    Harvir Chauhan
    Editor-in-Chief & Founder, News Diary Today

    हरवीर चौहान एक वरिष्ठ पत्रकार, संपादक और मीडिया उद्यमी हैं, जिन्हें समाचार एवं डिजिटल मीडिया क्षेत्र में 10+ वर्षों का अनुभव है। वे Doordarshan Uttar Pradesh और India News जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ कार्य कर चुके हैं। वर्तमान में वे NewsDiaryToday.com और ‘न्यूज़ डायरी टुडे’ साप्ताहिक समाचार पत्र के संस्थापक एवं Editor-in-Chief हैं। वे तथ्यपरक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के लिए प्रतिबद्ध हैं।

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