नोएडा को मिला बड़ा ट्रांसपोर्ट कनेक्शन, सेक्टर-51 और 52 के बीच 36.90 करोड़ का एसी स्काईवॉक हुआ लोकार्पित

नोएडा में मेट्रो यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाले 36.90 करोड़ रुपये के अत्याधुनिक एसी स्काईवॉक का विधायक पंकज सिंह ने उद्घाटन किया। 460 मीटर लंबे इस स्काईवॉक से रोजाना करीब 75 से 80 हजार यात्रियों को सुविधा मिलेगी।
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नोएडा। नोएडा के सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाले बहुप्रतीक्षित स्काईवॉक का आज औपचारिक उद्घाटन नोएडा विधायक पंकज सिंह ने किया। इस मौके पर एसीओ वंदना त्रिपाठी, महाप्रबंधक एस.पी. सिंह, वरिष्ठ प्रबंधक वर्क सर्किल-3 आर.के. शर्मा सहित नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं भाजपा नेताओं में महामंत्री चंद्र ग्राम यादव, अमित त्यागी, ओमवीर अवाना, संजय बाली, मुक्तानंद प्रधान, महेश अवाना, फनर्व अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा, करतार चौहान सहित अन्य भाजपा कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
करीब 36.90 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह आधुनिक स्काईवॉक सेक्टर-51 स्थित नोएडा-ग्रेटर नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन और सेक्टर-52 स्थित दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन को आपस में जोड़ता है। इसके शुरू होने से दोनों मेट्रो लाइनों के बीच सफर करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।नोएडा प्राधिकरण के अनुसार स्काईवॉक की लंबाई 460 मीटर और चौड़ाई 6.50 मीटर है। इसे पूरी तरह वातानुकूलित बनाया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें 10 ट्रैवलेटर लगाए गए हैं, जिससे दोनों मेट्रो स्टेशनों के बीच पैदल आवाजाही आसान और आरामदायक हो गई है।
ब्लू लाइन और एक्वा लाइन के बीच आसान हुआ सफर
सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के बीच कनेक्टिविटी लंबे समय से यात्रियों के लिए परेशानी का विषय रही थी। दोनों स्टेशनों के बीच मेट्रो बदलने वाले यात्रियों को पहले सड़क के रास्ते जाना पड़ता था। अब एसी स्काईवॉक के जरिए यात्रियों को एक सुरक्षित और सुविधाजनक पैदल कनेक्शन मिल गया है।
इससे खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और रोजाना मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है। ट्रैवलेटर की सुविधा लंबी दूरी पैदल तय करने की परेशानी को भी कम करती है।
पूरी तरह वातानुकूलित है स्काईवॉक
नोएडा प्राधिकरण के अनुसार यह स्काईवॉक पूरी तरह वातानुकूलित है। यानी गर्मी, बारिश और मौसम की दूसरी परेशानियों के बीच भी यात्री आराम से एक मेट्रो स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंच सकेंगे।
स्काईवॉक में सुरक्षा को भी ध्यान में रखा गया है। यहां 36 सीसीटीवी कैमरे, अग्निशमन यंत्र और 5 अग्निशमन दरवाजे लगाए गए हैं। बिजली की आपात स्थिति में व्यवस्था चालू रखने के लिए 500 केवीए का एक डीजी सेट भी स्थापित किया गया है।
रोजाना 75 से 80 हजार यात्रियों को होगा फायदा
नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक इस स्काईवॉक से करीब 75 हजार से 80 हजार मेट्रो यात्रियों को लाभ मिल रहा है। सेक्टर-51 एक्वा लाइन और सेक्टर-52 ब्लू लाइन के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के बीच मेट्रो से सफर करने वाले यात्रियों को काफी सुविधा मिलेगी।
स्काईवॉक शुरू होने के बाद एक्वा लाइन पर यात्रियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। सितंबर में एक्वा लाइन पर औसत दैनिक यात्रियों की संख्या करीब 85 हजार तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई थी, जबकि इससे पहले यह संख्या करीब 70 हजार के आसपास थी।
नोएडा के पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में महत्वपूर्ण कड़ी
यह स्काईवॉक सिर्फ दो मेट्रो स्टेशनों को जोड़ने वाला पैदल मार्ग नहीं है, बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दिल्ली के मेट्रो नेटवर्क के बीच इंटरचेंज को आसान बनाने वाली महत्वपूर्ण कड़ी है।
एक्वा लाइन से आने वाले यात्री सेक्टर-51 पर उतरकर स्काईवॉक के माध्यम से सेक्टर-52 पहुंच सकते हैं और वहां से दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन पकड़ सकते हैं। इसी तरह ब्लू लाइन से आने वाले यात्री सेक्टर-52 से स्काईवॉक के जरिए सेक्टर-51 पहुंचकर नोएडा-ग्रेटर नोएडा की एक्वा लाइन पर सफर कर सकते हैं।
नोएडा मेट्रो की आधिकारिक जानकारी के अनुसार एक्वा लाइन का नेटवर्क करीब 29.7 किलोमीटर लंबा है और इसमें 21 स्टेशन हैं।
करीब 36.90 करोड़ रुपये की परियोजना
नोएडा प्राधिकरण द्वारा उपलब्ध कराए गए विवरण के मुताबिक स्काईवॉक परियोजना की लागत 3690 लाख रुपये यानी करीब 36.90 करोड़ रुपये है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस परियोजना का उद्देश्य मेट्रो यात्रियों को दोनों लाइनों के बीच सुरक्षित और सुविधाजनक कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है।
हालांकि स्काईवॉक को यात्रियों के उपयोग के लिए पहले ही खोला जा चुका था, लेकिन 4 अक्टूबर 2026 को इसका औपचारिक लोकार्पण किया गया। नोएडा प्राधिकरण ने 3 अक्टूबर को इसकी जानकारी साझा करते हुए 4 अक्टूबर को लोकार्पण की बात कही थी।
स्काईवॉक की प्रमुख खूबियां एक नजर में
- परियोजना लागत: ₹36.90 करोड़
- लंबाई: 460 मीटर
- चौड़ाई: 6.50 मीटर
- एसी सुविधा: पूरी तरह वातानुकूलित
- ट्रैवलेटर: 10
- सीसीटीवी कैमरे: 36
- अग्निशमन दरवाजे: 5
- अग्निशमन यंत्र: उपलब्ध
- डीजी सेट: 500 केवीए
- लाभार्थी: लगभग 75,000–80,000 मेट्रो यात्री
इससे यात्रियों का इंटरचेंज आसान होने के साथ-साथ सड़क पार करने और खुले रास्ते से मेट्रो बदलने की परेशानी भी कम होगी।



