बहलोलपुर में स्वर्गीय ब्रह्मपाल पहलवान की याद में सजा अखाड़ा, 29वें दंगल में 7 लाख की कुश्ती बनी आकर्षण का केंद्र।

बहलोलपुर में स्वर्गीय ब्रह्मपाल पहलवान की स्मृति में 29वां विशाल दंगल रोमांच से भर गया। 125 कुश्तियों के बीच सबसे बड़ी 7 लाख रुपये की कुश्ती भारत केसरी शेरा गुर्जर और दिनेश गुलिया के बीच हुई, जो कड़े मुकाबले के बाद बराबरी पर छूटी।
News Diary Today | Noida News
नोएडा। बहलोलपुर गांव में शुक्रवार, 2 अक्टूबर 2026 को स्वर्गीय श्री ब्रह्मपाल पहलवान की स्मृति में 29वें विशाल दंगल का भव्य आयोजन किया गया। दंगल में देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे नामचीन पहलवानों ने अपनी ताकत, दांव-पेंच और कुश्ती के हुनर का शानदार प्रदर्शन किया। करीब 125 कुश्तियों ने अखाड़े में ऐसा रोमांच पैदा किया कि देर तक दर्शक मुकाबलों का आनंद लेते रहे।
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों से पहुंचे पहलवानों ने अखाड़े में एक-दूसरे को कड़ी चुनौती दी। हर मुकाबले के साथ दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया और जीत के लिए पहलवानों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। आयोजन के दौरान विजेता और प्रतिभागी पहलवानों को उचित इनाम देकर सम्मानित किया गया।
सात लाख की कुश्ती पर टिकी रहीं सभी की निगाहें
दंगल का सबसे बड़ा और अंतिम मुकाबला सात लाख रुपये इनामी कुश्ती रहा। इसमें भारत केसरी पहलवान शेरा गुर्जर और भारत केसरी पहलवान दिनेश गुलिया आमने-सामने उतरे। दोनों दिग्गज पहलवानों के बीच मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। अखाड़े में मौजूद दर्शक हर दांव और पलटवार पर तालियां बजाते रहे। कड़े संघर्ष के बाद यह प्रतिष्ठित मुकाबला बराबरी पर समाप्त हुआ।
51 हजार और 41 हजार की कुश्तियों में भी नहीं निकला फैसला
51 हजार रुपये इनामी कुश्ती में बहलोलपुर के अंकित पहलवान और डगरपुर के सिंटू पहलवान के बीच जोरदार मुकाबला हुआ। दोनों पहलवानों ने शानदार दांव-पेंच दिखाए, लेकिन मुकाबले का अंतिम फैसला नहीं हो सका और कुश्ती बराबरी पर छूटी।
वहीं 41 हजार रुपये इनामी कुश्ती में बहलोलपुर के ऋतिक पहलवान और डगरपुर के सुमित पहलवान के बीच मुकाबला हुआ। दोनों ने पूरी ताकत के साथ अखाड़े में अपना दमखम दिखाया। रोमांचक संघर्ष के बावजूद यह कुश्ती भी बराबरी पर समाप्त हुई।
21 हजार की कुश्ती में बहलोलपुर के आदेश पहलवान ने मारी बाजी
21 हजार रुपये इनामी कुश्ती में बहलोलपुर के आदेश पहलवान, जो भोला खलीफा के पट्ठे हैं, ने शानदार प्रदर्शन किया। आदेश पहलवान का मुकाबला गांव बमेटा स्थित जगदीश एकेडमी के हर्ष पहलवान से हुआ। दोनों के बीच जोरदार मुकाबला देखने को मिला, जिसमें आदेश पहलवान ने बाजी मारते हुए जीत अपने नाम की।
इसी राशि की एक अन्य कुश्ती में जय पहलवान गढ़ी चौखंडी और शर्फाबाद के आकाश पहलवान आमने-सामने रहे। दोनों पहलवानों ने अखाड़े में बेहतरीन दांव-पेंच दिखाए, लेकिन जय पहलवान ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आकाश पहलवान को हराकर मुकाबला जीत लिया।
कुश्ती और पहलवानों के सम्मान पर रहा विशेष जोर
दंगल का संचालन भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयवीर प्रधान ने किया। दंगल के संयोजक चेयरमैन सुखपाल पहलवान जी ने बताया कि सभी पहलवानों की कुश्तियां विधिवत रूप से बांधी गई थीं और आयोजन में पहलवानों के सम्मान एवं पुरस्कार का विशेष ध्यान रखा गया।
दंगल के आयोजक संतराम यादव पार्षद, ओमवीर यादव एवं टीटू पहलवान रहे। आयोजकों की ओर से कहा गया कि इस तरह के आयोजन न केवल कुश्ती की पारंपरिक विरासत को आगे बढ़ाते हैं, बल्कि ग्रामीण युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
अखाड़े में उमड़ी गणमान्य लोगों और ग्रामीणों की भीड़
दंगल के दौरान क्षेत्र के लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। कुश्ती के मुकाबलों के साथ-साथ अखाड़े में मौजूद गणमान्य लोगों और खेल प्रेमियों ने पहलवानों का उत्साह बढ़ाया। आयोजन में ऑल इंडिया रेलवे फेडरेशन के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा जी, पूर्व मंत्री डी.पी. यादव जी, गाजियाबाद सदर विधायक संजीव शर्मा जी, नॉर्दर्न रेलवे के केंद्रीय अध्यक्ष एस.के. त्यागी जी, भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं किसान नेता सुखवीर खलीफा , मैराथन दौड़ विजेता सत्या यादव, सत्तन पहलवान बम्हेटा, किसान नेता उदल आचार्य , सचिन एडवोकेट, जयपाल पहलवान, ललित यादव, पिंटू यादव, कोच रवि पहलवान, बॉबी पहलवान, मूले पहलवान, भोला खलीफा सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
दंगल में बड़ी संख्या में पहलवानों, खेल प्रेमियों और ग्रामीणों ने शिरकत की। स्वर्गीय ब्रह्मपाल पहलवान की स्मृति में आयोजित इस 29वें विशाल दंगल ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि ग्रामीण अंचलों में कुश्ती की परंपरा आज भी उतनी ही मजबूत है और अखाड़े आज भी युवाओं के जोश, जुनून और खेल प्रतिभा के बड़े मंच बने हुए हैं।



