नोएडा में साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अब तक का सबसे बड़ा प्रहार। ‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ के तहत गौतमबुद्धनगर पुलिस ने महज 24 घंटे में 4 बड़े साइबर ठगी गिरोहों का भंडाफोड़ करते हुए 15 शातिर ठगों को गिरफ्तार किया। देश-विदेश में ठगी करने वाले इन नेटवर्कों से भारी मात्रा में डिजिटल उपकरण और आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की गई।
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नोएडा न्यूज़। गौतमबुद्धनगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह के कुशल निर्देशन में कमिश्नरेट पुलिस ने “ऑपरेशन साइबर वज्र” के तहत मात्र 24 घंटे के भीतर एक बड़ी और ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। पुलिस टीमों ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए 4 अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय और अंतर्राज्यीय साइबर ठगी गिरोहों का पर्दाफाश किया है और कुल 15 अभियुक्तों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इस महा-अभियान ने देश-विदेश के हजारों लोगों को अपना शिकार बना चुके अपराधियों के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर पूरे प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ ‘ऑपरेशन साइबर वज्र’ चलाया जा रहा है। इसी क्रम में, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की पुलिस टीमों ने मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से विभिन्न ठिकानों पर एक साथ स्ट्राइक की। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोहों के पास से भारी मात्रा में लैपटॉप, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, कॉलिंग डेटा और चेक-बुक जैसी आपत्तिजनक सामग्रियां बरामद की हैं।
1-टेक-सपोर्ट और साइबर सिक्योरिटी के नाम पर विदेशियों से ठगी (बिसरख)?
ग्रेटर नोएडा की बिसरख थाना पुलिस ने चेरी काउंट स्थित एक फ्लैट पर छापा मारकर 4 महिलाओं सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया।यह गिरोह पिछले 6 महीने से फ्लैट में छिपकर रह रहा था और गूगल पर फर्जी विज्ञापन (वायरस और कंप्यूटर बग ठीक करने के नाम पर) चलाता था। अमेरिकी नागरिक जब इन फर्जी नंबरों पर कॉल करते, तो आरोपी खुद को सोशल सिक्योरिटी अधिकारी बताकर उनके कंप्यूटर का रिमोट एक्सेस लेते और उनसे मोटी रकम ऐंठ लेते थे।
2-कम ब्याज पर लोन दिलाने के नाम पर देशव्यापी फर्जीवाड़ा (सेक्टर-2)?
नोएडा सेक्टर-2 में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर दो महिलाओं समेत 5 आरोपियों को दबोचा गया।यह गिरोह सीधे-साधे और जरूरतमंद लोगों को कम ब्याज पर लोन दिलाने का झांसा देता था। लोन पास कराने के लिए वे ‘प्रोसेसिंग फीस’ के नाम पर एडवांस पैसे जमा कराकर रफूचक्कर हो जाते थे। राष्ट्रीय साइबर अपराध (NCRP) पोर्टल पर इनके खिलाफ सैकड़ों शिकायतें पहले से दर्ज थीं।
3-नौकरी और प्रोफेशनल ट्रेनिंग के नाम पर बेरोजगारों का शिकार?
नोएडा के सेक्टर-63 और साइबर क्राइम थाना टीम ने संयुक्त कार्रवाई में 5 शातिर अपराधियों को पकड़ा।बेरोजगार और युवाओं को निशाना बनाने वाला यह गिरोह बड़ी और प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी तथा प्रोफेशनल ट्रेनिंग दिलाने का फर्जी दावा करता था। बोगस कंपनियों की मोहरें और फर्जी ऑफर लेटर जारी कर वे युवाओं से लाखों रुपये की वसूली कर रहे थे।
4-आईजीएल (IGL) और यूटिलिटी बिल पेंडिंग का डर दिखाकर डिजिटल डाका?
बिसरख और साइबर सेल की तकनीकी टीम ने इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) का फर्जी कर्मचारी बनकर ठगी करने वाले 4 आरोपियों को ट्रैक कर गिरफ्तार किया।यह ठग बुजुर्गों और नागरिकों को उनके गैस या बिजली बिल बकाया होने का मैसेज भेजकर डराते थे। इसके बाद एक फर्जी लिंक (APK फ़ाइल) भेजकर मोबाइल का अनधिकृत एक्सेस (रिमोट कंट्रोल) हासिल कर लेते थे और बैंक खातों से मिनटों में लाखों रुपये उड़ा देते थे।
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह की आम जनता से अपील?
इस बड़ी कार्रवाई के बाद कमिश्नरेट पुलिस ने आम नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है और उन्होंने कहा है कि गूगल पर मिलने वाले हर कस्टमर केयर नंबर को सच न मानें; हमेशा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने फोन या कंप्यूटर में AnyDesk या TeamViewer जैसे रिमोट ऐप डाउनलोड न करें। यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो गोल्डन ऑवर (शुरुआती 1-2 घंटे) के भीतर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं ताकि पैसा समय रहते फ्रीज किया जा सके।
