October 10, 2026

Delhi Pollution : अब दिल्ली में प्रदूषण सर्टिफिकेट नही, तो गाड़ियों को ईंधन नहीं

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HIGHLIGHTS

:- प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए सरकार ने कसी कमर

:- पर्यावरण मंत्रालय वॉर रूम 24 घंटे करेगा काम

 नई दिल्ली :- दिल्ली में हर साल सर्दियों की शुरुआत में भीषण वायु प्रदूषण समस्या की वजह बनता है. इस बार दिल्ली सरकार ने पहले से ही तैयारी शुरू कर दी है। वायु प्रदूषण पर लगाम के लिए लगातार अहम और बड़े कदम उठाए जा रहे हैं। अब दिल्ली में बिना पॉल्यूशन सर्टिफिकेट वाले वाहनों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिल सकेगा। दिल्ली सरकार ने वायु प्रदूषण की रोकथाम को लेकर विंटर एक्शन प्लान लागू किया है। इसके तहत अगर आपके पास अपने वाहन का पॉल्यूशन चेक सर्टिफिकेट नहीं है तो आप ईंधन नहीं भरवा सकेंगे। दिल्ली सरकार का ये फैसला 25 अक्टूबर से प्रभावी हो जाएगा।

दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा

 दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि, प्रदूषण की रोकथाम के लिए ग्रैप और ‘विंटर एक्शन प्लान’ को सख़्ती से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही 3 अक्टूबर से पर्यावरण मंत्रालय का वॉर रूम काम करने वाला है। ये वॉर रूम 24 घंटे काम करेगा। वहीं प्रदूषण की रोकथाम के लिए 6 अक्टूबर से दिल्ली सरकार एंटी डस्ट कैम्पेन यानी धूल से होने वाले प्रदूषण के खिलाफ कैंपेन भी शुरू करेगी। इतना ही नहीं 10 अक्टूबर से पराली को गलाने के लिए बायोडिकंपोज़र घोल का छिड़काव शुरू कर दिया जाएगा।  इस साल 1000 हेक्टेयर यानी 5000 हेक्टेयर चावल पैदा करने वाली भूमि पर इसका छिड़काव होगा। वहीं गोपाल राय ने ये भी कहा कि, बिना पीयूसी वाले वाहनों को अब ईंधन नहीं दिया जाएगा। इसके लिए सभी तैयारियां की जा रही है और 25 अक्टूबर से बिना प्रदूषण सर्टिफिकेट के ग्राहकों को ईंधन नहीं मिलेगा।

वायु प्रदूषण से निपटने का प्लान

  अगर वायु गुणवत्ता AQI 200-300 के बीच रहता है, तो ग्रैप के अनुसार कंस्ट्रक्शन से निकलने वाले डस्ट पर कड़ाई से पालन करना होगा, कूड़ा प्रबंधन करना होगा। वहीं AQI 300-400 हो तो तंदूर पर बैन, डीजल सेट बंद करना होंगे। साथ ही पार्किंग फीस भी बढानी होगी। इसके अलावा अगर AQI 400-500 होता है , तो बाहर से आने वाली गाड़ियों पर प्रतिबंध लग जाएगा और दिल्ली की बड़ी गाड़ियां बन्द होंगी।

प्रदूषण पर नियंत्रण रखने के लिए क्या है सरकार की तैयारी

👉 पराली- इसके मैनेजमेंट के लिए PUSA द्वारा तैयार किया गया बायो डी कंपोजर का छिड़काव किया जाएगा। पिछले साल 4,000 एकड़ में किया गया था इस बार 5,000 एकड़ में किया जाएगा.

👉 डस्ट पोलूशन रोकने के लिए 6 अक्टूबर से anti-dust अभियान चलाया जाएगा. 500 स्क्वायर मीटर से ज्यादा जो कंस्ट्रक्शन साइट है उनके लिए अब कंपलसरी होगा कि सरकार के वेब पोर्टल पर रजिस्टर करें और डस्ट कंट्रोल की रियल टाइम मॉनिटरिंग होगी. 586 टीमों का गठन किया गया है जो कंस्ट्रक्शन साइट पर जाकर मॉनिटरिंग करेंगे.

👉 5000 स्क्वायर मीटर से ज्यादा के एरिया वाली कंस्ट्रक्शन साइट पर एंटी स्मोग गन लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके तहत पूरी दिल्ली में 233 एंटी स्मोग गन लगाए जा रहे हैं। सड़क पर उड़ने वाली धूल को कंट्रोल करने के लिए 80 डस्ट स्वीपिंग मशीन लगाई है। 521 मशीन पानी का छिड़काव करेंगी।

👉 150 मोबाइल एंटी स्मॉग गन लगाई जा रही हैं ताकि सड़कों से उड़ने वाली धूल को कंट्रोल किया जा सके।  वाहनों से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए PUC की जांच और सख्त की जाएगी।

👉 10 साल पुरानी डीजल वाहन और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहन सड़कों पर ना उतरे इसका पालन कराने के लिए सख्ती की जाएगी 380 टीम बनाई गई हैं।

👉 203 ऐसी सड़कें हैं जहां बहुत भीड़ भाड़ होती है, इसकी वजह से प्रदूषण होता है तो यहां पर भीड़भाड़ कम करने के लिए वैकल्पिक रूट तैयार किए गए हैं।

👉 खुले में कूड़ा जलाना प्रतिबंधित है और इसको रोकने के लिए 611 टीमों का गठन किया गया है।

👉 33 टीमों का गठन किया गया है ताकि इंडस्ट्री में कोई पाइप नेचुरल गैस के अलावा दूसरा ईंधन इस्तेमाल ना करें

👉 पटाखों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है पटाखों के खरीदने उसके भंडारण बिक्री सब पर प्रतिबंध है ऑनलाइन डिलीवरी भी नहीं हो सकती। इसको लागू कराने के लिए 210 टीमों का गठन किया गया है।

👉 रियल टाइम सोर्स ऑफ पोलूशन स्टडी- आईआईटी कानपुर ने हमारे साथ एक स्टडी की है इसके लिए राउस एवेन्यू रोड पर एक सुपर साइट बनाई गई है और इसके अलावा एक मोबाइल बैन है जिसके ऊपर काफी सारे एक इक्विपमेंट लगाए गए हैं।

👉 पर्यावरण मित्र बनाए गए हैं अभी तक 3500 से ज्यादा वॉलिंटियर्स ने इसके लिए रजिस्टर किया है. यह लोग समाज सेवा करेंगे और लोगों को पर्यावरण के लिए जागरूक करेंगे. अगर आप पर्यावरण मित्र बनना चाहते हैं तो 8448441758 पर मिस कॉल दें.

👉 इलेक्ट्रॉनिक कूड़े के प्रबंधन के लिए एक ई-वेस्ट पार्क बनाया जा रहा।  उत्तर पश्चिम दिल्ली के होलंबी कला में 20 एकड़ में ई वेस्ट पार्क बना रहे हैं। पूरी दिल्ली का इलेक्ट्रॉनिक कचरा वहां ले जाया जाएगा और साइंटिफिक तरीके से इसको प्रोसेस किया जाएगा।

👉 ग्रीन कवर बढ़ाने के लिए 42 लाख पौधे लगाने का टारगेट रखा था, पहले चरण में 33 लाख पेड़ लगा चुके, दूसरे चरण में 9 लाख पेड़ पौधे और लगाए जाएंगे।

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