उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से पुलिस व्यवस्था को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शराब के नशे में धुत एक युवक पुलिस चौकी में घुस गया, पुलिस की टोपी पहनकर कुर्सी पर बैठा और खुद को ‘थानेदार’ की तरह पेश करने लगा। चौकी के अंदर की यह पूरी हरकत मोबाइल कैमरे में कैद हो गई। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही हापुड़ पुलिस हरकत में आई और कुछ ही घंटों में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
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हापुड़: उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में एक युवक पुलिस चौकी के अंदर पुलिस की कुर्सी पर बैठा नजर आता है। उसने पुलिस की टोपी पहन रखी है और सामने रखी सरकारी फाइलों व दस्तावेजों को ऐसे पलट रहा है, मानो वह खुद चौकी प्रभारी हो। बताया जा रहा है कि युवक शराब के नशे में धुत था और चौकी में घुसकर काफी देर तक हंगामा करता रहा। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस चौकी में घुसकर करने लगा ‘थानेदारी’
जानकारी के अनुसार यह घटना थाना हापुड़ देहात क्षेत्र की दोयमी पुलिस चौकी की है। शनिवार, 18 जुलाई 2026 को एक युवक शराब के नशे में चौकी परिसर में पहुंच गया। आरोप है कि चौकी पर उस समय मौजूद स्टाफ किसी सरकारी कार्य से बाहर गया हुआ था, जिसका फायदा उठाकर युवक अंदर दाखिल हो गया।
चौकी के भीतर पहुंचते ही उसने पुलिस की टोपी पहन ली और अधिकारी की कुर्सी पर बैठ गया। इसके बाद उसने मेज पर रखी सरकारी फाइलें और दस्तावेज पलटने शुरू कर दिए। वायरल वीडियो में युवक कभी कागजों को ध्यान से देखता दिखाई देता है तो कभी हाथ के इशारों से ऐसा व्यवहार करता है, जैसे वह पुलिस कर्मियों को निर्देश दे रहा हो। उसकी हरकतें देखकर आसपास मौजूद कुछ लोगों ने मोबाइल निकालकर पूरा घटनाक्रम रिकॉर्ड कर लिया।
वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचाई सनसनी
जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामने आया, देखते ही देखते हजारों लोगों तक पहुंच गया। वीडियो में युवक बिना शर्ट के दिखाई देता है और उसकी हरकतों से साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह नशे की हालत में था।
वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए कि आखिर एक आम व्यक्ति पुलिस चौकी के अंदर इतनी आसानी से कैसे पहुंच गया? यदि किसी असामाजिक तत्व के हाथ संवेदनशील दस्तावेज या सरकारी हथियार लग जाते तो स्थिति कितनी गंभीर हो सकती थी? सोशल मीडिया पर कई लोगों ने चौकी की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चिंता जताई।
चौकी में तोड़फोड़ का भी आरोप
पुलिस के अनुसार आरोपी ने केवल चौकी में घुसकर कुर्सी पर बैठने तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि सरकारी परिसर के भीतर तोड़फोड़ भी की। उसने सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों ने पूरे मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच शुरू कर दी।
वायरल वीडियो के कुछ घंटों में ही दबोचा गया आरोपी
हापुड़ पुलिस ने वायरल वीडियो को संज्ञान में लेते हुए तत्काल कार्रवाई की। थाना हापुड़ देहात पुलिस की टीम ने तेजी से जांच करते हुए आरोपी की पहचान अमर उर्फ चंदू पुत्र कमल सिंह, निवासी ग्राम लुकलौड़ा, थाना बाबूगढ़ के रूप में की।
इसके बाद पुलिस टीम ने गढ़ रोड क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि आरोपी शराब के नशे में था और उसकी हरकतों से सरकारी कार्य प्रभावित हुआ। गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। इनमें सरकारी कार्य में बाधा डालना, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और अन्य संबंधित अपराध शामिल हैं। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे भी साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का आधिकारिक बयान
हापुड़ पुलिस ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि जनपद में अपराधियों और अराजक तत्वों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। वायरल वीडियो सामने आने के तुरंत बाद मामले का संज्ञान लिया गया और थाना हापुड़ देहात पुलिस को आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में कोई भी व्यक्ति सरकारी संस्थानों की गरिमा से खिलवाड़ करने की हिम्मत न कर सके।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
हालांकि आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी से पुलिस ने अपनी सक्रियता जरूर दिखाई है, लेकिन यह घटना कई अहम सवाल भी छोड़ जाती है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस चौकी जैसी संवेदनशील जगह पर कोई बाहरी व्यक्ति बिना रोक-टोक कैसे पहुंच गया? क्या उस समय चौकी पूरी तरह खाली थी? क्या सरकारी दस्तावेज सुरक्षित थे? क्या सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम मौजूद थे?
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस चौकियों और थानों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है। यदि भविष्य में कोई शरारती या आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति इसी तरह प्रवेश कर जाए तो बड़ा नुकसान हो सकता है
फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और मामले की जांच जारी है। अब यह देखना होगा कि विभाग इस घटना से सबक लेते हुए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या अतिरिक्त कदम उठाता है।
