बुलंदशहर की धरती से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास और सुशासन का बड़ा संदेश दिया। 574 करोड़ से अधिक की 57 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करते हुए उन्होंने कानून व्यवस्था, निवेश, रोजगार और जेवर एयरपोर्ट से मिलने वाले लाभ पर जोर दिया।
मिशन 2027 की हुंकार? बुलंदशहर की विशाल जनसभा में गरजे सीएम योगी, कानून व्यवस्था और सुशासन पर दिया जोर।
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बुलंदशहर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को बुलंदशहर पहुंचे और जिले को 574.56 करोड़ रुपये की 57 विकास परियोजनाओं की सौगात दी। नुमाइश मैदान में आयोजित विशाल जनसभा में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने जहां एक ओर प्रदेश सरकार की उपलब्धियां गिनाईं, वहीं दूसरी ओर कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर विपक्ष को भी आड़े हाथों लिया।
बुलंदशहर और सिकंदराबाद को मिली बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री ने नुमाइश मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बुलंदशहर और सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ी 57 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं की कुल लागत 574 करोड़ रुपये से अधिक है। सरकार का दावा है कि इनके धरातल पर उतरने से क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा और आम जनता को राहत मिलेगी।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार आज विकास, सुशासन, सुरक्षा और रोजगार के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश डबल इंजन सरकार के नेतृत्व में देश की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है और आधारभूत ढांचे के विकास को सरकार ने अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बनाया है।
“न कर्फ्यू, न दंगा… बुलंदशहर चंगा” — कानून-व्यवस्था पर सीधा वार
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्ष पर सीधा निशाना साधते हुए 2017 से पहले के हालात की तुलना वर्तमान से की। उन्होंने कहा कि पहले हर जिले में दंगे होते थे, थानों पर माफियाओं का दबदबा रहता था और युवाओं के रोजगार पर सिंडिकेट हावी थे, लेकिन अब प्रदेश में कानून का राज है। अपने चुटीले अंदाज़ में उन्होंने कहा, “न कर्फ्यू है, न दंगा है… अब बुलंदशहर चंगा है।”
जेवर एयरपोर्ट का जिक्र, बुलंदशहर वासियों को सीधा लाभ का भरोसा
मुख्यमंत्री ने जेवर में निर्माणाधीन नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का विशेष उल्लेख किया और कहा कि यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश ही नहीं, पूरे भारत की समृद्धि का मजबूत आधार बनेगा। स्थानीय जुड़ाव दिखाते हुए उन्होंने चुटकी ली कि भले ही यह एयरपोर्ट डॉ. महेश शर्मा द्वारा जेवर में बनवाया गया हो, लेकिन कनेक्टिविटी का सबसे ज़्यादा फायदा बुलंदशहर के नागरिकों और व्यापारियों को ही मिलने वाला है।
इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने गंगा एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को राहत देते हुए मुआवजा राशि बढ़ाने की घोषणा की। साथ ही बुलंदशहर शहर में लंबे समय से प्रस्तावित रिंग रोड के निर्माण को भी हरी झंडी दे दी, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद जताई जा रही है।
रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर में छात्रावास की घोषणा
जनसभा से पहले मुख्यमंत्री शिकारपुर स्थित रज्जू भैया सैनिक विद्या मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने विद्यालय में छात्राओं को मिल रहे शिक्षा के अवसरों की सराहना करते हुए उनके लिए छात्रावास बनवाने की घोषणा की। उन्होंने रज्जू भैया की माताजी के नाम पर छात्रों के लिए भी एक अलग छात्रावास बनवाने की बात कही। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन बताते हुए समाज और राष्ट्र निर्माण में शिक्षा, संस्कार व सामाजिक समरसता की भूमिका को रेखांकित किया।
निवेश, रोजगार और आगे की राह
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन 57 परियोजनाओं से पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई रफ्तार मिलेगी:
- सड़कों और बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण से आवागमन सुगम होगा।
- नए उद्योगों के आने से क्षेत्र में बड़े पैमाने पर निवेश का रास्ता साफ होगा।
- स्थानीय युवाओं को अपने ही जनपद में रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर मौके मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ने लोगों से 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के संकल्प में भागीदार बनने की अपील की और कहा कि यह तभी संभव है जब समाज जाति, क्षेत्र, भाषा और छुआछूत जैसी संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर एकजुट होकर काम करे।
बुलंदशहर के इस कार्यक्रम में जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। स्थानीय जनप्रतिनिधि, सांसद, विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में मातृशक्ति व युवा मौजूद रहे। बुलंदशहर के बाद मुख्यमंत्री का काफिला अमरोहा और संभल के लिए रवाना हुआ, जहां तीनों जिलों को मिलाकर कुल 1,350 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की सौगात दी जानी है।
