दिल्ली के विधायकों पर मानसून से बरसेंगे पैसे

:- इनके के वेतन में 66% बढ़ोतरी को एलजी ने दी मंजूरी
देश सबसे कम वेतन दिल्ली विधायकों का ही था


नई दिल्ली :- दिल्ली के उपराज्यपाल (एलजी) विनय कुमार सक्सेना भले ही आए दिन केजरीवाल सरकार से अनबन को लेकर आप विधायकों के निशाने पर रहे हों,लेकिन इस बार एलजी के एक फैसले ने दिल्ली के विधायकों को बहुत बड़ी राहत दी है। दरअसल एलजी ने दिल्ली के विधायकों के लिए 66.67% वेतन बढ़ोतरी बिल को मंजूरी दे दी है। दिल्ली सरकार ने 4 जुलाई से दिल्ली विधानसभा का दो दिवसीय मानसून सत्र बुलाया है। इस सत्र में विधायकों के वेतन और भत्तों में संशोधन के लिए एक विधेयक पेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि अगर बिल पास हो जाता है, तो केंद्र शासित प्रदेश के सांसदों को मौजूदा 54,000 रुपए से बढ़ाकर 90,000 रुपए हो जाएगा। दिल्ली के विधायकों की सैलरी इससे पहले 2011 में बढ़ाई गई थी।

अभी मिलते हैं इतने रुपए


मिली जानकारी के अनुसार दिल्ली में अभी विधायकों की बेसिक सैलरी 12000 रुपये है। निर्वाचन क्षेत्र अलाउंस के तौर पर उन्हें 18000 रुपये, सेक्रेटिएट अलाउंस 10000 रुपये, टेलीफोन भत्ता 8000 रुपये और वाहन भत्ता 6000 रुपये मिलता है। इस तरह से कुल 54000 रुपये हर महीने मिलते हैं। फिलहाल देश के अन्य राज्यों की तुलना में दिल्ली और त्रिपुरा के विधायकों का ही वेतन सबसे कम है। हालांकि तेलंगाना के विधायकों को सबसे अधिक वेतन मिलता है।

इन राज्यों में मिलता है इतना वेतन


आंकड़ों के अनुसार अभी विधायक को सबसे ज्यादा सैलरी तेलंगाना में मिलती है। यहां सभी भत्तों को मिलाकर एक विधायक को हर महीने 2.5 लाख रुपये मिलते हैं। इसके अलावा उत्तराखंड में विधायकों को हर महीने 1.98 लाख रुपये मिलते हैं। वहीं हिमाचल में 1.90 लाख , हरियाणा में 1.55 लाख , बिहार में 1.30 हजार, राजस्थान में 1.42 लाख रुपये, आंध्र में 1.25 लाख रुपये, गुजरात में 1.05 लाख रुपए मिलते हैं। जबकि उत्तर प्रदेश में ही सभी तरह के भत्तों को मिलाने के बाद एक विधायक को करीब 1.87 लाख रुपए मिलते हैं।

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