भारी बारिश का कहर: बच्चों की सुरक्षा को लेकर सहमे अभिभावक, जिला प्रशासन से स्कूलों को ऑनलाइन मोड पर चलाने की भावुक अपील

लगातार हो रही भारी बारिश और जलभराव ने नोएडा में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बीच परिजनों ने जिला प्रशासन से भावुक अपील करते हुए सभी सरकारी और निजी स्कूलों में फिलहाल ऑनलाइन क्लास शुरू करने की मांग की है, ताकि बच्चों की पढ़ाई भी जारी रहे और उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके।

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नोएडा न्यूज़ | पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है। इस खतरनाक स्थिति को देखते हुए बच्चों के माता-पिता और परिजनों की चिंताएं चरम पर पहुंच गई हैं। बच्चों की सुरक्षा को खतरे में न डालते हुए, परेशान अभिभावकों ने जिला प्रशासन से हाथ जोड़कर भावुक गुहार लगाई है कि सभी सरकारी और निजी स्कूलों की कक्षाओं को तुरंत ऑफलाइन से हटाकर ऑनलाइन मोड में तब्दील कर दिया जाए। बता दें कि बारिश के कारण सड़कों पर बने गहरे गड्ढे पानी से लबालब भरे हैं, जिससे स्कूल बसों और ऑटो के पलटने का खतरा हर वक्त बना रहता है। कई क्षेत्रों में बिजली के खंभों के पास जलभराव होने से करंट उतरने का डर भी सता रहा है।अपनी चिंता साझा करते हुए एक अभिभावक ने रूंधे गले से कहा, “सुबह जब बच्चा स्कूल वैन में बैठता है, तो जब तक वह सही-सलामत घर वापस नहीं आ जाता, हमारी सांसें अटकी रहती हैं। सड़कें तालाब बन चुकी हैं। क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? जब हमारे पास ऑनलाइन पढ़ाई का विकल्प मौजूद है, तो इस जानलेवा मौसम में बच्चों को बाहर क्यों भेजा जाए?”और परिजनों का तर्क है कि प्रशासन को आपदा प्रबंधन के तहत तुरंत फैसला लेना चाहिए। अभिभावकों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान सभी स्कूलों ने ऑनलाइन पढ़ाई का बेहतरीन ढांचा तैयार किया था। शिक्षक और छात्र दोनों ही डिजिटल क्लासरूम के आदी हैं। ऐसे में महज कुछ दिनों के लिए कक्षाओं को ऑनलाइन शिफ्ट करने से न तो बच्चों की पढ़ाई का नुकसान होगा और न ही उनकी जान जोखिम में पड़ेगी।

प्रशासन के फैसले का इंतजार?

भीगते हुए स्कूल जाते मासूम बच्चों, भारी बस्तों के साथ जलभराव से जूझते अभिभावकों और सड़कों पर रेंगते ट्रैफिक की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। परिजनों का कहना है कि छोटे-छोटे बच्चे इस मौसम में लगातार भीगने के कारण बीमार भी पड़ रहे हैं, जिससे अस्पतालों में भीड़ बढ़ रही है। अब सबकी निगाहें जिला मजिस्ट्रेट और शिक्षा विभाग के आदेश पर टिकी हैं। परिजनों को उम्मीद है कि प्रशासन उनके बच्चों की जिंदगी की कीमत समझेगा और जल्द ही ऑनलाइन क्लास का संज्ञान लेते हुए आदेश जारी करेगा।

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